उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार में भंडारे वाले बाबा के नाम से मशहूर रमाशंकर गुप्ता (58) की मौत ने सबको रुला दिया. उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले गुप्ता की आवाज हरिद्वार में हर की पैड़ी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के बीच सालों से गूंजती थी 'भंडारा कर दो बाबूजी' पर अब ये आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है.गुप्ता का शव कुछ दिन पहले एक सार्वजनिक शौचालय से बरामद हुआ था.
पुलिस ने गुप्ता की मौत पर कहा था कि उनके परिजनों की तलाश शुरू कर दी गई है. पुलिस ने कहा था कि अगर कोई वारिस सामने नहीं आएगा तो नियमों के अनुसार 72 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. बाद में परिजनों से जब पुलिस ने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वो हरिद्वार नहीं आ सकते हैं. इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में हिंदू रीति-रिवाज से रमाशंकर गुप्ता का अंतिम संस्कार कर दिया.
भंडारा किंग बाबा के नाम से थे मशहूर
गुप्ता हरिद्वार आने वाल श्रद्धालुओं से भंडारा करा देने की मांग करते थे. वो कहते थे, भंडारा कर दो बाबूजी 100 में पांच बाबा ,200 में 11 बाबा खाएंगे. रमाशंकर गुप्ता हरदोई के रहने वाले थे और लंबे समय से हरिद्वार में ही रह रहे थे और वह खुद ही खाना बना कर सब्जी और रोटी लाया करते थे और शिवसेतु से गुजरने वाले यात्रियों से यात्रियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करके गरीबों के लिए भंडारा करने यानी उनको भोजन कराने की प्रार्थना किया करते थे.
हरिद्वार से राहुल का इनपुट
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