उत्तराखंड के विकासनगर में प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जे पर बुलडोजर चला दिया. शिमला बाईपास रोड स्थित शीशमबाड़ा इलाके में बनी एक मजार को अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया गया. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों में हलचल तेज हो गई.
सरकारी जमीन पर बनी मजार हटाई
प्रशासन ने कार्रवाई की शुरुआत शीशमबाड़ा क्षेत्र से की, जहां सरकारी भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से मजार बनाई गई थी. लंबे समय से इसे लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के बाद प्रशासन ने इसे अवैध मानते हुए बुलडोजर चलाकर पूरी संरचना को हटा दिया.
पहले दिया गया था नोटिस
कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से प्रक्रिया का पालन किया गया. दो हफ्ते पहले ही वहां नोटिस चस्पा किया गया था, जिसमें निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए थे. लेकिन तय समय में कोई कागजात पेश नहीं किए गए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया.
भारी पुलिस बल के बीच कार्रवाई
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. तहसीलदार विवेक राजौरी के नेतृत्व में टीम ने शांतिपूर्वक कार्रवाई को अंजाम दिया. बुलडोजर चलते ही इलाके में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई.
अन्य इलाकों में भी चला बुलडोजर
प्रशासन ने सिर्फ एक जगह ही नहीं, बल्कि ठाकुरपुर, ईस्ट होप टाउन और शीशमबाड़ा क्षेत्र में भी सरकारी जमीन पर बने पांच अन्य अवैध अतिक्रमणों को हटाया. इस लगातार कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में डर का माहौल देखा जा रहा है.
तहसीलदार विवेक राजौरी ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. प्रशासन के इस कदम से जहां स्थानीय लोगों में संतोष नजर आ रहा है, वहीं अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है.
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