भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत पिछले कुछ दिनों से अपने मूल राज्य उत्तराखंड में घर लेने की कोशिश कर रहे हैं. यह बात उन्होंने सोशल मीडिया पर आधी रात किए गए पोस्ट में कही. इस पोस्ट में ऋषभ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग भी किया. इस पोस्ट पर कुछ घंटो बाद सीएम धामी का रिप्लाई भी आया. उन्होंने भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज को आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार नियमों के तहत हर मुमकिन मदद करेगी.
प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखण्ड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 8, 2026
आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को… https://t.co/v3iFQVpxUK
ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री से मदद मांगी थी. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनका अनुरोध अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने और अपने गृह राज्य में योगदान देने की उनकी कोशिश से प्रेरित था.
उत्तराखंड में जमीन खरीदने के क्या नियम हैं?
क्रिकेटर ऋषभ पंत उत्तराखंड के नागरिक हैं, तो उनको उत्तराखंड में जमीन खरीदने के लिए कोई परेशानी नहीं होगी. वे कृषि भूमि, आवासीय या औद्योगिक भूमि या फिर बंजर भूमि कुछ भी खरीदने के हकदार हैं. राज्य सरकार ऋषभ पंत को लीज पर भी जमीन दे सकती है, लेकिन ऋषभ पंत को राज्य सरकार को जमीन लीज पर लेने का मकसद बताना होगा और तय वक्त के अंदर जमीन लेने के पीछे के मकसद को पूरा करना होगा.
उत्तराखंड से दूसरे राज्यों के लोगों को हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर बाकी 11 जिलों में कृषि भूमि खरीदने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है.
ऋषभ पंत, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कृषि भूमि, औद्योगिक भूमि या फिर बंजर भूमि को खरीद सकते हैं. इसमें भी उन लोगों पर यह नियम लागू होता है कि जिस आधार पर वह जमीन खरीद रहे हैं, उसका मकसद क्या है. जो भी जमीन खरीदेगा उसको 3 साल में अपना उद्देश्य पूरा करना होगा.
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हरिद्वार और उधम सिंह नगर में बाहर के किसी शख्स को औद्योगिक मकसद के लिए अधिकतम साढ़े 12 एकड़ जमीन खरीदने की मंजूरी नहीं मिलेगी. अगर बाहर के व्यक्ति को आवासीय भूमि खरीदनी है, तो वह सिर्फ हरिद्वार, उधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ ढाई सौ वर्ग मीटर ही जमीन खरीद सकता है. इसमें प्रति परिवार ढाई सौ वर्ग मीटर जमीन ही खरीदी जा सकती है.
शहरी क्षेत्र में पूरे उत्तराखंड में कहीं पर भी कितनी भी जमीन ली जा सकती है लेकिन शहरी क्षेत्र में जमीन न के बराबर रह गई है और जमीन बेशकीमती और बहुत महंगी हो चुकी है.
ऋषभ पंत का उत्तराखंड से जुड़ाव
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में जन्मे ऋषभ पंत ने अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत इसी राज्य से की थी और बाद में वे प्रोफेशनल तौर पर क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली चले गए. भले ही वे घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मजबूत रहा है.
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