- हरिद्वार में चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बीस काउंटरों के साथ शुरू हुई है
- अब तक सत्रह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम और हेमकुंड साहिब के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है
- यात्रा की औपचारिक शुरुआत 19 अप्रैल से होगी, जिसमें यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट पहले खुलेंगे
Char Dham Yatra 2026: हरिद्वार में चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुक्रवार सुबह 8 बजे से शुरू हो गई. ऋषिकुल मैदान में बनाए गए रजिस्ट्रेशन सेंटर पर प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा.
हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ किया. यात्रियों की सुविधा के लिए 20 काउंटर बनाए गए हैं, जिनमें विदेशी श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था भी की गई है. अब तक 17 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धाम और हेमकुंड साहिब के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड माना जा रहा है.
19 अप्रैल से यात्रा की औपचारिक शुरुआत
- 19 अप्रैल 2026: यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे
- 22 अप्रैल 2026: केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
- 23 अप्रैल 2026: बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
शुरुआत में कम दिखी भीड़, आगे बढ़ेगी संख्या
रजिस्ट्रेशन के पहले दिन यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही. प्रशासन का मानना है कि जैसे ही केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे, श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी. उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पंजीकरण कराने पहुंचे. कई यात्री पहली बार यात्रा पर जा रहे हैं, जबकि कुछ पहले भी इस यात्रा का अनुभव ले चुके हैं.
मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और बर्फबारी की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग के उत्तराखंड केंद्र ने चेतावनी दी है कि राज्य के पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल और देहरादून में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. ऊंचाई वाले इलाकों में पहले से ही ठंड और बर्फबारी का असर है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी है.
हेल्थ एडवाइजरी: यात्रा से पहले ये तैयारी जरूरी
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा को लेकर विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की है.
क्या करें?
- यात्रा से पहले मेडिकल चेकअप जरूर कराएं
- रोज सुबह-शाम 10 मिनट वॉक/एक्सरसाइज करें
- जरूरी दवाएं और गर्म कपड़े साथ रखें
- ऊंचाई के अनुसार शरीर को तैयार करें
क्या न करें?
- शराब और धूम्रपान से बचें
- जंक फूड का सेवन न करें
- अधिक वजन का सामान लेकर चढ़ाई न करें
- ऊंचाई पर स्वास्थ्य का रखें खास ध्यान
चारों धाम 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां ऑक्सीजन की कमी रहती है. ऐसे में यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत, चक्कर, उल्टी या सीने में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. सरकार ने यात्रा मार्ग पर 1350 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की है, साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों और ट्रांजिट कैंप में भी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
प्रशासन अलर्ट, यात्रियों से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सावधानी बरतें, मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरी सामान के साथ ही यात्रा करें. हरिद्वार प्रशासन, पुलिस, फायर विभाग और वॉलेंटियर्स पूरी तरह से सक्रिय हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके.
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