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'पाकिस्तान से विस्थापितों पर मौलाना-मौलवियों की आवाज नहीं निकली'- सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान से आए विस्थापितों और धार्मिक मुद्दों को लेकर तीखा बयान दिया. भूमिधरी अधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम में उन्होंने मौलाना-मौलवियों पर निशाना साधते हुए दोहरे रवैये पर सवाल उठाए.

'पाकिस्तान से विस्थापितों पर मौलाना-मौलवियों की आवाज नहीं निकली'- सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों और देश की सामाजिक परिस्थितियों को लेकर तीखा बयान दिया. 1,645 परिवारों और पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करने के मौके पर उन्होंने एक ओर जहां विस्थापितों की पीड़ा का जिक्र किया, वहीं दूसरी ओर कुछ धार्मिक नेताओं पर भी निशाना साधा. उनके बयान में गाय, सामाजिक सोच और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए.

मौलाना-मौलवियों पर दिया बयान

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे देख रहे हैं कि कुछ मौलाना और मौलवी इन दिनों गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गाय उनके लिए माता के समान है और इसके लिए किसी घोषणा की जरूरत नहीं होती, यह उनके संस्कारों का हिस्सा है.

गौमाता के सम्मान की बात

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान के लिए किसी प्रमाण या घोषणा की जरूरत नहीं होती. इसी तरह उन्होंने कहा कि गाय को वे माता मानते हैं और उसके प्रति आदर स्वाभाविक है. उन्होंने इस मुद्दे पर अलग-अलग सोच रखने वालों की मानसिकता पर भी सवाल उठाए.

सोशल मीडिया और बकरीद का जिक्र

संबोधन में सीएम योगी ने बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून का पालन बेहद जरूरी है और उत्तर प्रदेश में गौहत्या को लेकर सख्त प्रावधान हैं. उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी.

पाकिस्तान से आए विस्थापितों का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने वहां काफी कठिनाइयों का सामना किया है. उन्होंने कहा कि इन विस्थापितों के मुद्दे पर मौलाना और मौलवियों की तरफ से कभी आवाज नहीं उठाई गई, जबकि यह एक मानवीय विषय है.

सीएम योगी ने कहा कि समाज में दोहरे रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाई जाती है, तो वह सभी के लिए समान होनी चाहिए. उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश में त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे हैं. पहले की तुलना में हालात बेहतर हुए हैं और लोगों को सुरक्षा का एहसास हुआ है.

युवाओं और समाज को संदेश

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज और अभिभावकों को भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अगर बच्चे गलत दिशा में जा रहे हैं, तो उन्हें सही दिशा दिखाना जरूरी है. साथ ही, सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना है.

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