कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड मामले में सबसे बड़ा नाटकीय मोड़ आ गया है. इस मामले में विनीत की बहू शालू को ही पुलिस ने मुख्य आरोपी बता दिया है, उस पर ही आरोप है कि उसने अपने ससुर को मरवा दिया. पहले जिस शालू को ससुर की मौत पर रोते हुए देखा गया था, अब पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड की मास्टरमाइंड वही है. पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
बताया जा रहा है कि पैसों के लालच में शालू ने सुपारी किलर्स को हायर किया और अपने ही ससुर की हत्या करवा दी. इस मामले को लेकर डीसीपी कासिम अब्दाली ने कहा कि बहू शालू ने साजिश रची थी और दोनों हमलावरों को घर में एंट्री भी करवाई थी.
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी की पहचान विशाल के रूप में की. विशाल छह साल पहले तक विनीत के घर पर ही नौकर था, लेकिन बाद में उस पर चोरी के आरोप लगे और उसे घर से निकाल दिया गया. हालांकि, बताया जा रहा है कि बहू शालू और उसके पति के साथ विशाल का कनेक्शन बना रहा और वह कभी-कभार घर भी आता-जाता रहता था.
ऐसे में घर की पूरी दिनचर्या, कौन कब घर से निकलता है और किस समय वापस आता है, इसकी जानकारी विशाल को थी. पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:36 बजे शालू अपने पति और छह साल के बेटे के साथ घर से बाहर निकली थी. पूरा परिवार पार्टी करने के लिए गया था. इसके ठीक 10 मिनट बाद दो लोग उनके फ्लैट की तरफ आए.
जिस समय दोनों आरोपी फ्लैट में दाखिल हुए, उस वक्त विनीत घर पर नहीं थे. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर ही छिपे रहे. वे इंतजार कर रहे थे कि विनीत कब घर लौटेंगे. रात करीब 10:58 बजे विनीत घर लौटे और इसके करीब आधे घंटे के भीतर दोनों आरोपियों ने हत्या को अंजाम दे दिया.
पुलिस की जांच में अब यह भी पता चला है कि पहले आरोपियों का प्लान विनीत की हत्या को हार्ट अटैक या सामान्य मौत दिखाने का था. रणनीति यह थी कि जैसे ही विनीत सो जाएंगे, उनका तकिया या किसी दूसरी चीज से गला दबाकर उन्हें मार दिया जाएगा और बाद में इसे हार्ट अटैक का नाम दे दिया जाएगा. इस स्थिति में परिवार के किसी भी सदस्य पर किसी तरह का शक नहीं जाता.
लेकिन उस रात विनीत देर तक सोए नहीं. ऐसे में हमलावरों की रणनीति बदल गई. इसी वजह से आनन-फानन में दोनों ने चाकू से ताबड़तोड़ विनीत पर हमला कर दिया. पोस्टमार्टम में पता चला है कि विनीत के शरीर पर कई जगह चाकू के गहरे घाव मिले हैं.
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि नौकर विशाल ने एक डुप्लीकेट चाबी के जरिए फ्लैट में एंट्री ली थी. इससे पुलिस को अंदाजा हुआ कि इस वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया गया, बल्कि इसकी सुनियोजित तरीके से पूरी प्लानिंग की गई थी.
पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि विनीत की हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने घर में किसी तरह की लूटपाट नहीं की. विनीत एक संपन्न परिवार से आते थे. ऐसे में पुलिस को शक हुआ कि आखिर घर में मौजूद गहने या पैसे क्यों नहीं लूटे गए. इस पहलू ने पुलिस का शक परिवार के अंदर की साजिश की तरफ और गहरा कर दिया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विनीत एक संपन्न परिवार में रहते थे, लेकिन वह अपनी बेटी और बहू को भी काफी हद तक नियंत्रण में रखते थे. उनके खर्चों पर भी उनका पूरा कंट्रोल था. पुलिस के मुताबिक, इसी वजह से शालू नाराज थी. उसे लगता था कि अपना पैसा होने के बावजूद वह अपनी इच्छा के मुताबिक उसे खर्च नहीं कर पा रही है. यही नाराजगी कथित तौर पर साजिश में बदल गई और उसने अपने ससुर की हत्या करवाने की योजना बनाई.
बताया जा रहा है कि हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी. इसमें दो लाख रुपये हत्या के बाद देने और चार लाख रुपये 15 दिन बाद देने की बात हुई थी.
पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया. जवाहरपुरम के आसपास दोनों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर कर दबोचा और फिर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया. दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया.
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