विज्ञापन

पागल कुत्ते के काटने से बिगड़ी दिमागी हालत, बुजुर्ग ने काली माता के मंदिर में गला काटकर अपनी बलि दे दी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि समय से उचित इलाज हीं मिलने की वजह से बुजुर्ग के शरीर में रेबीज फैल गया था. इसी वजह से उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी. इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया.

पागल कुत्ते के काटने से बिगड़ी दिमागी हालत, बुजुर्ग ने काली माता के मंदिर में गला काटकर अपनी बलि दे दी
कानपुर में बुजुर्ग ने गला रेतकर की आत्महत्या.
  • कानपुर में एक बुजुर्ग ने मानसिक संतुलन बिगड़ने पर गला रेतकर आत्महत्या कर ली
  • बुजुर्ग रामआसरे को 14 सितंबर को एक आवारा कुत्ते ने काटा था, जिससे उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था
  • रेबीज का सही इलाज नहीं मिलने की वजह से उनका दिगामी संतुलन बिगड़ गया था
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक  दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. एक 57 साल के बुजुर्ग ने मानसिक संतुलन खोने और अंधविश्वास के चलते काली माता के मंदिर में धारदार हथियार से गला काटकर खुद की बलि दे दी. इस खौफनाक घटना के पीछे की असल वजह कुत्ते का काटना बताया जा रहा है, जिसका उसे सही समय पर सही इलाज नहीं मिला. इसी वजह से बुजुर्ग का मानसिक संतुलन बिगड़ गया.

कुत्ते के काटने से बिगड़ा दिगामी संतुलन

दिल दहला देने वाली यह घटना कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के धीरपुर गांव की है. बुजुर्ग रामआसरे मूल रूप से तरगांव के रहने वाले थे. उनकी शादी नहीं हुई थी. वह पिछले 20 सालों से अपनी बहन सुखरानी की ससुराल धीरपुर में एक झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. परिजनों ने बताया कि 14 सितंबर को वह गांव में घूम रहे तभी एक आवारा कुत्ते ने उनको काट लिया था.

Latest and Breaking News on NDTV

 शुरुआत में उन्हें इलाज के लिए स्थानीय सीएचसी (CHC) ले जाया गया, जहां उन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगा, लेकिन समय से पूरा और सही इलाज नहीं मिलने की वजह से उनके शरीर में रेबीज का संक्रमण फैलने लगा. इसके साथ ही रामआसरे की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी. वह अक्सर गांव वालों और परिजनों से काली माता के मंदिर जाकर अपनी बलि देने की बात कहते थे. लोग इसे उनकी बीमारी की बड़बड़ाहट समझकर उनको समझा-बुझा देते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह सच में ऐसा खौफनाक कदम उठा लेंगे.

बुजुर्ग ने गला रेतकर दी जान

26 सितंबर को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी, तो उन्हें हैलट अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन परिजन उन्हें घर ले आए. 28 सितंबर को हालत बेकाबू होने पर उन्हें फिर हैलट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके बचने की कोई गुंजाइश नहीं है. निराश होकर परिवार वाले उन्हें वापस झोपड़ी में ले आया. मंगलवार सुबह बुजुर्ग ने खौफनाक कदम उठा लिया. तड़के करीब 5 बजे, जब पूरा गांव सो रहा था, रामआसरे अपनी झोपड़ी से निकलकर करीब 300 मीटर दूर स्थित काली माता के चबूतरे पर पहुंचे. वहां एक बांके (धारदार हथियार) से उन्होंने अपना गला रेत लिया. कुछ देर बाद जब ग्रामीणों ने खून से लथपथ उनका शव देखा तो गांव में हड़कंप मच गया.

Latest and Breaking News on NDTV

समय से इलाज नहीं मिलने से फैला रेबीज

घटना की सूचना मिलते ही बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारी ने बताया कि समय से उचित इलाज हीं मिलने की वजह से बुजुर्ग के शरीर में रेबीज फैल गया था. इसी वजह से उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी. इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

ये भी पढ़ें-3 साल पहले कुत्ते ने काटा था, अब पीड़ित ने 18 बच्चों को काट लिया; स्कूल में फैली दहशत, सभी को लगी वैक्सीन


 

हेल्पलाइन
वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्‍थ 9999666555 या help@vandrevalafoundation.com
TISS iCall 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्‍ध - सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)
(अगर आपको सहारे की ज़रूरत है या आप किसी ऐसे शख्‍स को जानते हैं, जिसे मदद की दरकार है, तो कृपया अपने नज़दीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
UP News, Kanpur Suicide, Dog Bite, Dog Bite And Rabies, Kanpur Police
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com