हाथ में अच्छी-खासी नौकरी थी. नोएडा की एक कंपनी में कार्यरत थे. विदेश जाने का मौका मिला, जिसके लिए महज 10 दिन में पासपोर्ट बनवाना था. पासपोर्ट तय अवधि में नहीं बना तो हरियाणा के महेंद्र सिंह तंवर के मन में सिस्टम को बदलने की ऐसी धुन सवार हुई कि वे आईएएस अधिकारी बन गए. अब उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के जिलाधिकारी बनने के बाद आधी रात को सड़कों पर उतरकर उन्होंने सभी को चौंका दिया.
हरियाणा के गांव से शुरू हुआ सफर
सबसे पहले महेंद्र सिंह तंवर की सफलता की कहानी जानिए. उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के आईएएस अधिकारी महेंद्र तंवर मूल रूप से हरियाणा के रोहतक के पास स्थित काहनौर गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता भारतीय सेना से नायक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. यूपीएससी क्रैक करने के बाद मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में महेंद्र सिंह तंवर ने बताया था कि उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव से हुई. वे बाल भवन स्कूल में पढ़े और भिवानी के एक कॉलेज से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. अंतिम वर्ष में उन्हें नोएडा की एक कंपनी में नौकरी मिली. इसी नौकरी के दौरान कंपनी की ओर से उन्हें विदेश यात्रा का अवसर भी मिला था.

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पासपोर्ट की देरी बनी UPSC की प्रेरणा
महेंद्र सिंह तंवर को कंपनी ने कहा था कि वे 10 दिन के भीतर अपना पासपोर्ट बनवा लें, ताकि विदेश जा सकें. हालांकि पासपोर्ट समय पर नहीं बन सका और विदेश जाने का सपना अधूरा रह गया. इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर सिविल सेवक बनने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और नोएडा से दिल्ली शिफ्ट हो गए. दिल्ली में रहते हुए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और परीक्षा पास कर उत्तर प्रदेश कैडर में आईएएस अधिकारी बने.
संतकबीरनगर व कुशीनगर के डीएम रहे
आईएएस महेंद्र सिंह तंवर ने 23 सितंबर 2026 को कानपुर नगर के जिलाधिकारी का पद संभाला है. इससे पहले वे संतकबीरनगर और कुशीनगर में भी जिलाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा गाजियाबाद में नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी तैनात रह चुके हैं.

आधी रात को सड़क पर उतरे कानपुर के DM
कानपुर नगर में 30 सितंबर की रात जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर अपनी टीम के साथ सड़कों पर उतरे. उन्होंने नगर आयुक्त एवं मुख्य विकास अधिकारी के साथ शहर का निरीक्षण कर स्वच्छता और सीएम ग्रिड कार्यों की प्रगति का जायजा लिया.
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने केडीए चौराहा और लाल बंगला क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों का रात्रिकालीन निरीक्षण किया. मौके पर उन्होंने कार्यों की प्रगति, सड़क की स्थिति, निर्माण कार्य से संबंधित व्यवस्थाओं तथा आमजन और यातायात की सुविधा का जायजा लिया.
दीपावली से पहले CM ग्रिड कार्य पूरे करने पर जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में संचालित सीएम ग्रिड कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है. फेज-1 में लगभग 16 किलोमीटर तथा फेज-2 में करीब 13 किलोमीटर क्षेत्र में सीएम ग्रिड के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि कार्यों में अपेक्षित गति बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा कराया जाए. उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व से पहले अधिक से अधिक सीएम ग्रिड कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है. जो कार्य इस अवधि में शेष रह जाएंगे, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए. उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा कार्य के दौरान यातायात और आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
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