सरकारी अस्पतालों में आज भी कितने बुरे हालात हैं, इसे बयां करता हुआ एक वीडियो सामने आया है. वीडियो गुना का है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि स्ट्रेचर न मिलने पर एक बहन अपने दिव्यांग भाई को पीठ पर लादकर वार्ड तक ले जाती दिख रही है.
बहन का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसे मरीज को अंदर ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला, जिसके बाद उसने भाई को अपनी पीठ पर बैठाया और खुद वार्ड तक पहुंचाया.
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मामला राघौगढ़ क्षेत्र के बोरखेड़ी गांव का बताया जा रहा है. यहां की रहने वाली कृष्णाबाई अपने भाई जगदीश को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी.
वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर की कमी की बात से इनकार किया है. एक तरफ अस्पताल प्रबंधन पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्ध होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ सामने आई तस्वीर व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रही है.
अस्पताल में न स्ट्रेचर, न वार्ड बॉय
कृष्णाबाई ने बताया कि उनका भाई जगदीश करीब एक साल से बीमार है और दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है.
उन्होंने दावा किया कि अस्पताल मे न व्हीलचेयर मिली और न ही स्टेचर मिला. न ही वहां कोई वार्ड बॉय दिखा तो खुद ही अपने भाई को पीठ पर लादकर वार्ड तक ले गई.

कृष्णाबाई का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसने मदद की उम्मीद की थी, लेकिन उसके मुताबिक मरीज को वार्ड तक पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली. ऐसे में उसने खुद ही भाई को कंधे पर बैठाया और अस्पताल के अंदर लेकर गई.
अस्पताल का क्या है कहना?
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर मौजूद हैं. क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पुराने अस्पताल के आसपास भी स्ट्रेचर उपलब्ध रहते हैं.
उन्होंने कहा कि मरीजों को अंदर ले जाने के लिए वार्ड बॉय और मल्टी-यूटिलिटी कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है. कई बार मरीज के परिजन जल्दबाजी में खुद ही मरीज को उठाकर वार्ड तक ले जाते हैं.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अस्पताल के कर्मचारियों को सूचना देकर मदद ली जा सकती है.
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