UPPCS 2024 Reault: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPSC ने PCS 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया. सोशल मीडिया से लेकर प्रयागराज और मुखर्जी नगर की गलियों तक बस इसी रिजल्ट की चर्चा है. सबसे पहले हम आपको कॉम्पिटिशन का लेवल समझाते है. प्रीलिम्स में करीब पौने 6 लाख बच्चे बैठे, वहां से छंटनी हुई तो सिर्फ 13,776 बच्चे मेन्स में पहुंचे. इसके बाद इंटरव्यू तक आते-आते सिर्फ 2,719 लोग बचे. फाइनली इस पूरी चक्की में पिसने के बाद निकले 932 हीरे! इन 932 में से 37 नए SDM यानी डिप्टी कलेक्टर, 17 नए DSP और 196 असिस्टेंट कमिश्नर यूपी को मिले हैं.
एक और हैरान करने वाली बात ये है कि 15 पद खाली रह गए, क्योंकि आयोग को उनके लायक योग्य उम्मीदवार ही नहीं मिले! आयोग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक इन 15 पदों में से व्यवस्थाधिकारी का 1 और व्यवस्थापक के 14 पद शामिल हैं.
चलिए अब जानते हैं उन टॉपर्स के बारे में जिन्होंने इतिहास रच दिया है.यूपी की नई नंबर 1 अफसर नेहा पंचाल रहने वाली दिल्ली की हैं, लेकिन डंका यूपी में बजाया है. दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम और फिर पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स करने वाली नेहा को ये कामयाबी रातों-रात नहीं मिली है. 2018 से ये लड़की सिविल सर्विसेज की आग में खुद को तपा रही थी. ये उनका चौथा अटेंप्ट था. 2023 में UPSC का इंटरव्यू भी दिया था, लेकिन फाइनली अब जाकर उनकी लंबे समय की तपस्या रंग लाई और सीधे यूपी में नंबर 1 रैंक हासिल कर ली.
'नारी शक्ति' का दबदबा कायम
इस बार का रिजल्ट पूरी तरह से 'नारी शक्ति' को डेडीकेटेड है. फर्स्ट रैंक पर नेहा पंचाल, तो दूसरे नंबर पर रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी और तीसरे पर रहे अभय प्रताप सिंह. टॉप-10 की लिस्ट देखेंगे तो 6 लड़कियां काबिज हैं.
वहीं रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी ने तो अलग ही रिकॉर्ड बना दिया. पहला प्रयास, पहली बार मेन्स दिया, पहला इंटरव्यू और सीधे टॉप 2 में जगह बना ली. सुनने में ये जितना आसान लगता है उतना है नहीं इसके पीछे की प्लानिंग, दिन-रात की पढ़ाई और फोकस होता है.
अयोध्या के साकेतपुरी कॉलोनी की रहने वाली अनामिका मिश्रा ने इस परीक्षा में चौथी (4th) रैंक हासिल करके पूरे शहर का नाम रोशन कर दिया है. अनामिका का चयन डिप्टी कलेक्टर यानी SDM के पद पर हुआ है. अनामिका की सक्सेस में सबसे बड़ा टेकअवे है 'सेल्फ स्टडी'. बिना भारी-भरकम कोचिंग के, अनामिका ने खुद पर भरोसा रखा और आज वो UP में अफसर बन चुकी हैं.
मुरादाबाद की दीक्षा अग्रवाल से की कहानी भी प्रेरणादायी है. दीक्षा ने पूरे यूपी में 15वीं रैंक हासिल की है और डिप्टी कलेक्टर बनी हैं. पहला अटेंप्ट, कोई बड़ी कोचिंग नहीं, सिर्फ और सिर्फ 'सेल्फ स्टडी' से उन्होंने ये किला फतह कर लिया. दीक्षा के पिता एक छोटी सी दुकान चलाते हैं और मां टीचर हैं.
ये था UP PCS 2024 के रिज़ल्ट का पूरा लेखा-जोखा. नेहा पंचाल का 4 साल का धैर्य, अनन्या का फर्स्ट अटेंप्ट मैजिक और दीक्षा-अनामिका की सेल्फ स्टडी. ये परिणाम बताते हैं कि अगर इरादों में जान हो तो लाख कमियों के बाद भी आसमां छुआ जा सकता है.
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