IAS-PCS Love Stories : कहते हैं कि अगर जीवनसाथी का साथ सच्चा हो, तो बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी छोटी लगने लगती हैं. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2024 के नतीजों ने एक ऐसी ही शानदार प्रेम और परिश्रम की कहानी पेश की. यह कहानी है कानपुर की मोनाली सिंह और उनके पति आकर्ष खरे की, जिन्होंने साबित कर दिया कि शादी करियर की राह में रोड़ा नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत बन सकती है. तो आइए जानते हैं कानपुर की मोनाली सिंह और लखनऊ के आकर्ष खरे के बारे में जिन्होंने शादी के बाद कैसे अपनी तैयारी जारी रखी और कैसे एक दूसरे के लिए मजबूत स्तंभ बनकर उभरे.
शादी के बाद बदली किस्मत, लेखपाल से बनीं कमिश्नरकानपुर के चकेरी, श्याम नगर की रहने वाली मोनाली सिंह नर्वल तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात थीं. साल 2022 में उनकी शादी लखनऊ के रहने वाले आकर्ष खरे से हुई, जो हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी (RO) थे. आमतौर पर धारणा है कि शादी के बाद घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई पीछे छूट जाती है, लेकिन मोनाली के साथ ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने ड्यूटी के साथ-साथ पीसीएस की तैयारी जारी रखी.
पत्नी के इसी जज्बे को देख पति आकर्ष खरे भी खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने न सिर्फ मोनाली का हौसला बढ़ाया, बल्कि खुद भी उनके साथ स्टडी पार्टनर बनकर तैयारी शुरू कर दी.
ऑफिस की थकान और रातों की पढ़ाईलेखपाल की फील्ड ड्यूटी और हाईकोर्ट की आरओ की नौकरी, दोनों ही काफी थका देने वाली होती हैं. दिन भर काम के बाद जब लोग आराम की सोचते, तब दोनों पति-पत्नी किताब में अपनी दुनिया ढूंढते थे. आपको बता दें कि मोनाली कानपुर में थीं और आकर्ष लखनऊ में, लेकिन दूरियां उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनीं. वे फोन पर विषयों पर चर्चा करते, नोट्स शेयर करते और छुट्टियों में साथ बैठकर मुश्किल टॉपिक्स को हल करते थे. बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के, केवल सेल्फ स्टडी के दम पर उन्होंने यह सफलता हासिल की है.
एक ही विभाग में अब संभालेंगे जिम्मेदारीयूपी पीसीएस 2024 के परिणाम आए तो दोनों के घरों में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. मोनाली सिंह ने लेखपाल के पद से एक लंबी छलांग लगाई और अब वह असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के पद पर सेलेक्ट हुई हैं. वहीं, उनके पति आकर्ष खरे का सेलेक्शन भी वाणिज्य कर अधिकारी के तौर पर हुआ है. सबसे बड़ी बात यह है कि अब दोनों का एक ही विभाग (वाणिज्य कर) में तैनाती हुई है.
परिवार बना सबसे बड़ी ताकतमोनाली की इस कामयाबी में सिर्फ पति का नहीं बल्कि उनके मायके और ससुराल, दोनों का भरपूर सहयोग रहा. उनके पिता ओम प्रकाश सिंह (रिटायर्ड COD) और मां सुमन सिंह अपनी बेटी की इस ऐतिहासिक छलांग से बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. मोनाली का मानना है कि यदि ससुराल पक्ष का समर्थन मिले, तो शादीशुदा महिलाएं किसी भी ऊंचे पद तक पहुंच सकती हैं.
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