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This Article is From Sep 16, 2025

दो बार काटने वाले कुत्ते को अब यूपी में मिलेगी 'उम्रकैद' की सजा, योगी सरकार का नया फरमान

प्रयागराज नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. बिजय अमृतराज के मुताबिक नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को पहली बार कुत्ता काटता है तो कुत्ते को दस दिन की सजा होगी.

(फाइल फोटो)
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने आवारा कुत्तों के हमले पर नियंत्रण के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं
  • पहली बार काटने पर कुत्ते को दस दिन के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रखा जाएगा
  • दूसरी बार काटने पर कुत्ते को आजीवन कैद की सजा दी जाएगी और उसे हमेशा के लिए एबीसी सेंटर में रखा जाएगा
प्रयागराज:

उत्तर प्रदेश में अब सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों की खैर नहीं है. दरअसल, अब सड़क पर आवारा कुत्ते अगर किसी पर अटैक करते हैं और दो बार काट लेते हैं तो उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जाएगी. वैसे तो ये सजा किसी बड़े अपराध के लिए मनुष्य को दी जाती है लेकिन अब यूपी की सड़कों पर घूम रहे आवारा कुत्तों को भी ये सजा दी जाएगी. योगी सरकार द्वारा यह आदेश जारी किया गया है. 

सुनने में ये थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन कुत्तों के हमले से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने प्रदेश के सभी नगर निकायों को नया आदेश जारी किया है. इसमें हमलावर कुत्तों को सजा का प्रावधान किया गया है. आदेश के अनुसार पहली बार किसी को काटने पर कुत्ते को पहले दस दिन की सजा होगी और दूसरी बार काटने पर आजीवन उसे एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रखा जाएगा. 

प्रयागराज नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. बिजय अमृतराज के मुताबिक नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को पहली बार कुत्ता काटता है तो कुत्ते को दस दिन की सजा होगी. इस दौरान कुत्ते को एनिमल बर्थ कंट्रोल यानी एबीसी सेंटर में रखा जाएगा लेकिन अगर वही कुत्ता दूसरी बार किसी को काटता है तो तीन सदस्य टीम इस मामले की जांच करेगी. कुत्ते को फिर से एबीसी सेंटर में आजीवन रखा जाएगा.

आजीवन कैद की सजा पाने वाले कुत्ते को रिहा तभी किया जाएगा जब कोई व्यक्ति अधिकृत तौर पर उसे गोद लेगा. हालांकि, हमलावर और हिंसक हो चुके कुत्तों को सजा देने के लिए जारी किए आदेश में कुछ शर्ते भी रखी गई हैं. इसके लिए पीड़ित व्यक्ति को सरकारी अस्पताल में इलाज का प्रमाण पत्र देना होगा. ‌एबीसी सेंटर पर इलाज के साथ कुत्ते को निगरानी में रखा जाएगा. दस दिन बाद एबीसी सेंटर से छोड़े जाने के पहले कुत्ते के शरीर पर एक माइक्रोचिप लगा दी जाएगी. इस माइक्रोचिप के जरिए ही कुत्ते के व्यवहार पर नजर रखी जाएगी.

यूपी सरकार का फरमान मिलते ही इसपर अमल करना भी शुरू कर दिया गया है. एक बात तो तय है कि इस आदेश के बाद प्रदेश की जनता को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी. प्रयागराज के करेली इलाके में दो साल पहले ही एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है.

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