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संभल रिपोर्ट की कुछ और बड़ी बातें हुईं लीक, जानें वहां क्या साजिश चल रही थी

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक़ हिंदुओं की आबादी कम करने के लिए लव-जिहाद को हथियार बनाया जा रहा था. इससे पूरी डेमोग्राफी बदली जा सकती थी.

संभल हिंसा रिपोर्ट लीक.

  • संभल में लव-जिहाद को हिंदू आबादी कम करने के लिए हथियार बनाने और संगठित प्रेम जाल रचने की बात रिपोर्ट में है.
  • दलितों का सामूहिक पलायन मुस्लिम दंगाइयों द्वारा कराया गया था, जिससे कई परिवारों को पलायन करना पड़ा.
  • अलकायदा, तहरीक-ए-तालिबान जैसे आतंकी संगठनों से संभल में आतंकवादियों के गहरे कनेक्शन के सबूत मिले हैं
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संभल:

यूपी के संभल में पिछले साल हुई हिंसा और उसके पहले संभल के इतिहास को लेकर तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के कुछ और अंश लीक हुए हैं. इसको लेकर एक तरफ जहां गृह विभाग में हड़कंप है तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने भी अपने सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाने की क़वायद शुरू कर दी है.

रिपोर्ट में और क्या-क्या?

सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि संभल 'लव जिहाद' की प्रयोगशाला जैसा बन गया है. साथ ही संभल में दलितों का 'सामूहिक पलायन' कराने की भी साजिश रची गई थी. स्थानीय तुर्क मुसलमानों ने कन्वर्टेड आतंकियों का नेटवर्क खड़ा कर दिया था जो दुनिया के टॉप 10 आतंकी संगठनों के लिए सक्रिय तौर पर काम कर रहे थे.
लव ज़िहाद पर आयोग ने क्या बताया 

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक़ हिंदुओं की आबादी कम करने के लिए लव जिहाद को हथियार बनाया जा रहा था. इससे पूरी डेमोग्राफी बदली जा सकती थी. संभल के रहने वाले किशन लाल रेवड़ी, चमन लाल जैसे परिवारों की बेटियों को 'लव जिहाद' में फंसाने के आरोप हैं. संभल में मुस्लिम युवकों ने संगठित साजिश के तहत प्रेम जाल रचाया. इसके लिए बाक़ायदा फंडिंग की जा रही थी.

दलितों के सामूहिक पलायन की साजिश 

संभल में दलितों का 'सामूहिक पलायन' कराने की साजिश थी. सूत्रों के मुताबिक़ न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि 1978 के दंगों के बाद राजनैतिक दलों के प्रायोजित मुस्लिम दंगाइयों ने दलितों को निशाना बनाया था. धोबी समाज के 200 से ज़्यादा परिवार पलायन को मजबूर हुए थे. इनमें प्यारेलाल, बब्बू, मुकेश, संजय समेत कई परिवारों ने घर-बार छोड़कर पलायन कर लिया था.

आतंकी संगठनों से सांठगांठ का मिला सबूत 

संभल में जो विदेशों में बैठे आतंकी संगठनों से गठजोड़ के सबूत मिले हैं, उससे पता चलता है कि हरकत-उल-मुजाहिदीन, तहरीक-ए-तालिबान ने अपना मॉड्यूल तैयार करने की साजिश की है. साथ ही संभल में अलकायदा जैसे खौफनाक आतंकी संगठनों का नेटवर्क भी सक्रिय हैं. दुनियादार के आतंकियों की टॉप 10 लिस्ट में संभल के कनेक्शन के सबूत भी मिले हैं.

एशिया में किया जा रहा विस्तार 

जांच एजेंसियों की पड़ताल से पता चलता है कि अमेरिका की टॉप टेन लिस्ट में संभल के मौलाना आसिम उमर का नाम है. आतंकी अहमद रज़ा उर्फ शाहरुख और मोहम्मद आसिफ भी संभल के रहने वाले हैं. भारतीय उपमहाद्वीप का अलकायदा चीफ भी संभल से निकलकर आतंकी संगठन में शामिल हुआ. इस तरह से संभल से पूरे दक्षिण एशिया में आतंकी नेटवर्क का विस्तार हो रहा था. इसके अलावा कइयों के तार पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई से भी जुड़े हैं.

कौन-कौन आतंकी किससे जुड़ा 

सूत्रों के मुताबिक़ अल क़ायदा के आतंकियों का संभल कनेक्शन निकला है. मौलाना असीम अल कायदा का कमांडर था. इसके अलावा मदरसे का मौलाना शाहरुख हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा रहा और मोहम्मद आसिफ अलकायदा इंडिया का चीफ था. संभल का असीम उमर अफगानिस्तान में मारा गया था, वहीं ज़फ़र मसूद अलकायदा में युवकों को भरमाकर भर्ती का काम करता था. संभल से इस्लामिक स्टेट के आतंकी पकड़े गए. 

तुर्क बनाम पठान की लड़ाई

संभल में मुस्लिमों के दो गुट हैं. एक गुट तुर्क मुसलमानों का है वहीं दूसरा कन्वर्टेड हिन्दू जो पठान बन गए, उनका है. इन दोनों में अक्सर विवाद होता रहा है. इस झगड़े का असर कुछ ऐसा हुआ कि हिंदू समाज के लोग संभल छोड़कर भागने पर विवश हुए.  पिछले साल नवंबर में भी जो हिंसा हुई, उसमें तुर्क और पठान आमने सामने आ गए थे.
 

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