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यूपी में महिला वोट बैंक पर सपा की नजर, डिंपल के सहारे नया चुनावी समीकरण बनाने की तैयारी

समाजवादी पार्टी के पोस्टरों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और आंदोलनों में डिंपल यादव मौजूदगी चर्चा में है. राजनीतिक जानकार इसे महिला वोटरों तक पहुंच बनाने की सपा की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं.

सपा में डिंपल यादव की सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है.

समाजवादी पार्टी की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है. कभी पार्टी के हर पोस्टर, प्रेस कॉन्फ्रेंस और बड़े कार्यक्रम में सबसे प्रमुख चेहरा अखिलेश यादव होते थे, लेकिन अब डिंपल यादव की सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है. पार्टी कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों से लेकर आंदोलनों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक डिंपल यादव की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है. इससे राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या सपा उन्हें महिला वोटरों तक पहुंचने के लिए नए चेहरे के रूप में आगे कर रही है.

महिला वोट बैंक पर सपा की नजर

देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है. अलग-अलग राज्यों में महिलाओं से जुड़े वादे और योजनाएं चुनावी सफलता का बड़ा आधार बन रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी बदलते माहौल को देखते हुए समाजवादी पार्टी भी अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है. विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने कई राज्यों में महिला मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई है. ऐसे में समाजवादी पार्टी भी महिलाओं तक सीधे पहुंचने के लिए डिंपल यादव को प्रमुख चेहरा बनाकर पेश कर रही है. हाल के दिनों में पार्टी के पोस्टरों में उनकी तस्वीर अधिक दिखाई दे रही है और वे कई राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.

जेनजी आंदोलन के बाद बढ़ी चर्चा

सपा समर्थकों का कहना है कि जेनजी आंदोलन के दौरान डिंपल यादव की सक्रियता ने उनकी छवि को और मजबूत बनाया. आंदोलन के दौरान छात्रों और समर्थकों के बीच उनकी मौजूदगी की तस्वीरें भी काफी चर्चा में रहीं. पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनकी सादगी और सहज व्यवहार उन्हें आम लोगों से जोड़ता है.

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि डिंपल यादव पहले से ही पार्टी की प्रमुख नेता हैं. सांसद होने के साथ-साथ उन्होंने कई मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखी है. पार्टी का दावा है कि उनकी साफ-सुथरी छवि और शांत स्वभाव उन्हें दूसरे नेताओं से अलग पहचान देता है.

भाजपा ने साधा निशाना

वहीं भाजपा ने सपा की इस रणनीति पर सवाल उठाए हैं. भाजपा नेताओं का कहना है कि समाजवादी पार्टी एक परिवार केंद्रित दल है और डिंपल यादव को आगे बढ़ाना उसी का हिस्सा है. भाजपा का आरोप है कि सपा में परिवार के बाहर के नेताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा.

हालांकि सपा इस आलोचना को स्वीकार नहीं करती. पार्टी का कहना है कि डिंपल यादव की बढ़ती भूमिका उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक सक्रियता का परिणाम है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह साफ होगा कि डिंपल यादव को आगे लाने की रणनीति सपा को महिला मतदाताओं और युवा वर्ग के बीच कितना फायदा पहुंचाती है.

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