उत्तर प्रदेश में चुनावी सुगबुगाहटों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं. पिछले एक सप्ताह के दौरान उनके कार्यक्रमों की रफ्तार तेज हुई है. हर दौरे में वे विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे हैं, जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं और सरकारी योजनाओं का संदेश जनता तक पहुंचा रहे हैं.
पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री नोएडा, आगरा और हाथरस, मथुरा आदि पहुंचे। वहीं, आज उनका कार्यक्रम पीलीभीत और मुरादाबाद में था. इससे पहले बीते सप्ताह वे देवरिया, ललितपुर, फिरोजाबाद और अलीगढ़ का दौरा कर चुके हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन दौरों में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, बिजली और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ वितरित किया गया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे ये दौरे केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगठन और सरकार के बीच समन्वय मजबूत करने तथा जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति का भी हिस्सा माने जा रहे हैं। हर जिले में मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था, विकास और सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से उठा रहे हैं.
हालांकि, सरकार इन कार्यक्रमों को नियमित विकास और जनकल्याण से जोड़कर देख रही है, लेकिन विपक्ष इन्हें आगामी चुनावों की तैयारी से जोड़कर निशाना बना रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी के लगातार जिलों में पहुंचने और विकास योजनाओं की सौगात देने से प्रदेश का राजनीतिक माहौल भी गर्माता नजर आ रहा है।
जनसभा से सीएम दे रहे संदेश
जनसभाओं के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार उत्तर प्रदेश के विकास, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक गौरव को लेकर संदेश दे रहे है. हालिया जनसभाओं में उनके द्वारा दिए गए प्रमुख संदेश इस प्रकार हैं.
कानून-व्यवस्था और माफियाओं को चेतावनी
सीएम योगी ने मऊ में जनसभा को सम्बोधित और माफियाओं और गुंडों को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी पर्व-त्योहार या धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने वालों की दुर्गति 'रावण और कंस' जैसी होगी.
श्री कृष्ण जन्मभूमि पर विपक्ष को चुनौती
उन्होंने हाथरस में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि जो लोग अयोध्या के निर्माण की बात करते हैं, वे खुलकर मथुरा और वृंदावन यानी श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भी अपने विचार स्पष्ट करे. सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती दी कि यदि वे सचमुच सनातनी हैं और धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं, तो उन्हें अयोध्या की राजनीति छोड़कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बात करनी चाहिए.
दंगा-मुक्त प्रदेश का दावा
उन्होंने अपनी हर एक रैलियों में दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में अब मोहर्रम जैसे आयोजनों या पर्वों के दौरान कोई उपद्रव नहीं होता है और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से सुदृढ़ है. हालांकि, उनके दावों को विपक्ष शुरू से नकारता रहा है. साथ ही सीएम योगी ने सपा सरकार के पिछले कार्यकाल में राम भक्तों पर गोली चलवाने और धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने का भी आरोप लगाया.
विकास परियोजनाओं की सौगात
सीएम योगी निरंतर जनसभाओं में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे हैं, जिससे राज्य के शहरों और गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके.
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना
अपने भाषणों में उन्होंने 'वंदे मातरम' को शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य करने और भारत माता के प्रति सम्मान की भावना को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं