- यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान को लेकर तीखा हमला किया है.
- राहुल गांधी ने मनुस्मृति के उस नियम को शर्मनाक कहा था जिसमें महिलाओं को पुरुष के अधीन रहने का कहा गया है.
- योगी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे भारत की परंपराओं को भूलकर देश की विरासत के खिलाफ बोलते हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान को लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन पर तीखा हमला बोला है. सोमवार को यूपी के रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'जो समाज अपने पूर्वजों को विस्मृत करता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता. दुर्भाग्य से भारत की परंपरा और मूल्यों को विस्मृत करके भ्रम में डालकर एक ठेका ले लिया है- भारत के खिलाफ षडयंत्र करने का.' सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर तीखा तंज करते हुए कहा कि राहुल जी, राहुल गांधी के रूप में ये देश आपसे बहुत अपेक्षा नहीं करता, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपको देश के लोकतंत्र के रूप में जवाबदेह बनाता है. लेकिन आप भारत की विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी सीएम ने कहा कि मैं पिछले दिनों इस रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के बयान को पढ़ रहा था. महाराष्ट्र में उन्होंने बयान दिया कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आ जाएं!
#WATCH | Raebareli: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, "Recently, I was reading a statement made by the Member of Parliament from Raebareli, Rahul Gandhi. He made a statement in Maharashtra urging women to break free from the shackles of the Manusmriti. Rahul ji, the country… pic.twitter.com/vXiLbs6FWz
— ANI (@ANI) August 24, 2026
राहुल गांधी पर क्या बोले यूपी सीएम?
राहुल गांधी की लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका की याद दिलाते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने संविधान की शपथ ली थी, आप भारत की परंपरा को विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं. यूपी के बाहर जाते हैं तो यूपी को लांछित और अपमानित करते है, भारत के बाहर जाते हैं तो भारत का अपमान करते हैं.
योगी ने आगे कहा कि भारत की सेना जब सीमाओं पर लड़ती है तो आप भारत सेना से प्रमाण मांगते हैं,आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में देशद्रोही तत्वों को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं! अयोध्या में भगवान राम के अस्तित्व पर आपकी पार्टी प्रश्न खड़ा करती है, और लोकतंत्र के प्रति आपकी निष्ठा क्या है, यह तो 1975 में इस देश ने आपातकाल के काले साये को देखा है.
मनु को समझना चाहते हैं तो वेद-पुराण पढ़िएः योगी
अपने बयान में योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आप मनुस्मृति, भगवान राम या भारत की विरासत पर टिप्पणी करते हैं. अगर आप मनु को समझना चाहते हैं, तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ें; आपको वहां सारी जानकारी मिल जाएगी. मैं पूछना चाहता हूं कि ऐसा कौन है जिसके जीवन में किसी न किसी रूप में महिला का सहारा न हो - चाहे वह मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में हो? ऐसा कौन व्यक्ति है? क्या बिना पिता के कोई बेटी होती है? क्या बिना भाई के कोई बहन होती है? क्या कोई पत्नी अपने पति के बिना अपने अस्तित्व को पूरा मान सकती है, या क्या कोई मां अपने बेटे के बिना अपने अस्तित्व को पूरा मान सकती है?
Raebareli, UP: CM Yogi Adityanath says, "You comment on Manusmriti, Lord Ram, or India's heritage. If you want to understand Manu, then read the Atharvaveda, Shatapatha Brahmana and Matsya Purana; you will find all the information there. I want to ask, who is there whose life… pic.twitter.com/IM289QCvEA
— IANS (@ians_india) August 24, 2026
आप युवाओं को गलत दिशा पर ले जाना चाहते हैंः योगी
अगर मनुस्मृति ने ऐसा कहा है, तो आप ही बताइए कि इसका सही अर्थ क्या है? लेकिन आप भारत के बच्चों और युवाओं को ऐसी दिशा में क्यों ले जाना चाहते हैं जहां बाद में किसी मां या किसी और को शर्मिंदा होना पड़े और माफी मांगनी पड़े? आपने देखा ही होगा कि जंतर-मंतर पर एक बेटी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल किया था. बाद में उस बेटी ने अपनी बात वापस ले ली और माफी मांगी, और उसके माता-पिता ने भी माना कि उनकी बेटी ने गलत बात कही थी..."
राहुल गांधी ने मनुस्मृति के नियम को बताया था शर्मनाक
मालूम हो कि शनिवार को महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं का अपनी अस्तित्व है और उनकी पहचान को उनके पिता, पति या बेटों के अधीन नहीं रखा जाना चाहिए. उन्होंने मनुस्मृति के उस नियम को ‘‘शर्मनाक'' बताया, जिसके अनुसार महिला को जीवन के हर चरण में पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहना चाहिए.
मनुस्मृति में महिलाओं के किस नियम पर राहुल ने उठाए थे सवाल
पुणे में ‘छात्रों की गूंज' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत यहां की 70 करोड़ महिलाओं की ‘‘अनोखी यात्राएं, अनोखी कल्पनाएं और अनोखे सपने'' हैं. राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं यहां मनुस्मृति का जिक्र करना चाहूंगा, जिसमें साफ कहा गया है कि बचपन में महिला को अपने पिता के अधीन रहना चाहिए, जवानी में वह अपने पति के अधीन होती है और जब उसका पति मर जाता है, तो वह अपने बेटों के अधीन होती है. महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. ये शब्द शर्मनाक हैं. ये शब्द नहीं कहे जाने चाहिए.''
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि महिलाएं देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं और उन्हें अपने लिए खड़ा होना चाहिए और खुद पर भरोसा करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘आप खुद के अलावा किसी और के अधीन नहीं हैं. पिता, भाई, पति या बेटे के साथ आपका रिश्ता तो है, लेकिन आप उनके अधीन नहीं हैं, आपकी अपनी खुद की पहचान है.''
राहुल गांधी के बयान की भाजपा नेताओं ने की आलोचना
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मेरा तर्क यह है कि महिलाएं स्वभाव से पुरुषों की तुलना में अधिक संवेदनशील, अधिक सौम्य, अधिक दयालु और अधिक दूरदर्शी होती हैं.'' कांग्रेस नेता ने कहा कि महिलाओं को अक्सर तीन पहचानों -बेटी, पत्नी या मां- तक ही सीमित रखा जाता है. उन्होंने कहा कि हालांकि इन रिश्तों में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ये उनकी एकमात्र पहचान नहीं हो सकतीं. राहुल गांधी के इस बयान को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने उनकी आलोचना की है.
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