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UGC नियमों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन, सिर पर कफन बांध श्मशान घाट पहुंचे लोग

यूजीसी नियमों के विरोध में गाजीपुर में अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला. यहां लोग सिर पर कफल बांधकर श्मशान घाट पहुंच गए. उनका कहना है कि जब तक नियमों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

UGC नियमों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन, सिर पर कफन बांध श्मशान घाट पहुंचे लोग
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जातिगत भेदभाव रोकने हेतु नए नियम जारी किए हैं, जिनका व्यापक विरोध हो रहा है
  • गाजीपुर में सवर्ण समुदाय के लोगों ने सिर और गले में कफन बांधकर श्मशान घाट पर विरोध प्रदर्शन किया
  • प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए UGC नियम सवर्ण छात्रों के हित में नहीं हैं और उन्हें वापस लिया जाना चाहिए
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गाजीपुर:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) जातिगत भेदभाव रोकने के लिए जो नियम लेकर आया था, उसे लेकर अब बवाल बढ़ता ही जा रहा है. देशभर में सवर्ण संगठन इन नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. बीजेपी के भी कई नेता इस्तीफा दे रहे हैं. इस बीच गाजीपुर में भी सवर्ण समुदाय के लोगों ने अजीबोगरब प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया. यहां लोग सिर पर कफल बांधकर श्मशान घाट पहुंच गए और इन नियमों को वापस लेने की मांग करने लगे. उनका कहना है कि जब तक नियमों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

सिर-गले में कफन बांधकर विरोध

UGC नियमों के विरोध में सोमवार को सैदपुर क्षेत्र के जौहर गंज स्थित श्मशान घाट पर समाजसेवियों ने सिर और गले में कफन बांधकर अपना विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि UGC नियम सवर्णों खासकर छात्र-छात्राओं के हित में नहीं हैं, इसलिए इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए. समाजसेवियों ने विरोध के लिए श्मशान घाट का चयन इसलिए किया, ताकि सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा सके.

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प्रदर्शनकारियों का क्या है कहना?

समाजसेवी मनोज सिंह की अगुवाई में श्मशान घाट पर ये अनोखा प्रदर्शन किया गया. मनोज सिंह ने कहा कि जब तक सरकार इन नियमों को वापस नहीं ले लेती, तब तक समाजसेवी इसी प्रकार के अनोखे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहेंगे.

क्या है पूरा मामला?

UGC ने 13 जनवरी को कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए नए नियम जारी किए हैं. इनमें SC, ST के साथ-साथ OBC छात्रों को शामिल किया गया है. अगर SC, ST या OBC छात्र के साथ जातिगत भेदभाव होता है तो वो इसकी शिकायत कर सकते हैं. नियमों के तहत एक इक्विटी कमेटी बनेगी, जो जातिगद भेदभाव से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करेगी. सवर्णों का कहना है कि इन नियमों के आने से उनके लिए पढ़ाई कर पाना मुश्किल होगा. उनका ये भी दावा है कि कॉलेज-यूनिवर्सिटी में सवर्ण छात्रों को निशाना बनाया जा सकता है.

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