विज्ञापन

JNU Protest: छात्र प्रदर्शन के बीच आई JNU प्रशासन की चेतावनी, बताया कौन से छात्र होंगे यूनिवर्सिटी से बाहर

JNU Protest: जेएनयू प्रशासन ने एक चेतावनी जारी करते हुए इस पूरे मामले की निंदा की है और शांति बनाए रखने की भी अपील की है. साथ ही बताया गया है कि किन छात्रों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

JNU Protest: छात्र प्रदर्शन के बीच आई JNU प्रशासन की चेतावनी, बताया कौन से छात्र होंगे यूनिवर्सिटी से बाहर
JNU प्रशासन ने जारी किया बयान

JNU Protest: राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार माहौल गरमाया हुआ है. छात्रसंघ ने कैंपस से शिक्षा मंत्रालय तक लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया था. छात्रसंघ के आंदोलन का उद्देश्य रोहित वेमुला एक्ट लागू करना और यूजीसी के नए नियमों को लागू करना था. इस बीच यूनिवर्सिटी में देखते ही देखते बड़ा हंगामा खड़ा हो गया. छात्रों के मार्च को रोकने के लिए पुलिस, आरएएफ, सीआरपीएफ को तैनात करना पड़ा. इस आंदोलन के बीच 50 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है. अब जेनएनयू प्रशासन ने इस पूरे मामले पर एक चेतावनी जारी की है.

क्या है JNU प्रशासन की चेतावनी?

जेएनयू प्रशासन ने बीती 26 फरवरी की रात को अपने एक्स हैंडल पर चेतावनी जारी करते हुए लिखा है, 'जेएनयूएसयू के प्रदर्शनकारी यूजीसी के नियमों को लागू करने की मांग कर रहे हैं. यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का उल्लंघन है, जिसमें नियमों पर रोक लगाई गई थी. जेएनयू के कुलपति या रजिस्ट्रार को नियमों पर कोई अधिकार नहीं है. प्रशासन ने आगे लिखा है, 'यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, जेएनयूएसयू ने आज तक अपने निष्कासन के मूल मुद्दे को हल करने से इनकार कर दिया है, जो कि परिसर के अंदर सार्वजनिक संपत्ति के खिलाफ तोड़फोड़ और हिंसा का मामला है. जांच के बाद दोषी छात्रों को निष्कासित कर दिया गया. जेएनयू एक पब्लिक यूनिवर्सिटी है और यह सरकार, संसद और टैक्सपेयर्स के प्रति जवाबदेह है'।
 

इस मामले की निंदा करते हुए आखिर में लिखा है, 'यह बेहद निंदनीय है कि सार्वजनिक संपत्ति पर हिंसा और तोड़फोड़ के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए एक महिला ओबीसी कुलपति पर झूठे आरोपों के आधार पर हमला किया जा रहा है'.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला तब शुरू हुआ, जब जेएनयू के कुलपति ने जातिवादी टिप्पणियां कीं. साथ ही यूनिवर्सिटी के कोष में कटौती, पदाधिकारियों के निष्कासन और रोहित एक्ट के साथ संशोधित यूजीसी नियम को लागू करने की मांग को लेकर एक मार्च का आह्वान किया था. ऐसे में दिल्ली पुलिस और कुलपति ने मिलकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया. इसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल भी हुए. छात्रसंघ अध्यक्ष अदिती, सचिव गोपिका और महासचिव दानिश संग एआईएसए की अध्यक्ष नेहा और 50 अन्य छात्रों को तकरीबन 15 घंटों तक पुलिस हिरासत में रखा गया था. 14 छात्र दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं. कैंपस का माहौल अभी भी गरमाया हुआ है और वहां भारी पुलिस बल तैनात है.

ईरान में इतनी है MBBS की पूरी फीस, हर साल जाते हैं इतने भारतीय छात्र

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com