
- उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जंगली जीवों का आतंक देखने को मिल रहा है. इसके कारण लोग बेहद परेशान हैं.
- बहराइच में चार लोगों पर एक जंगली जानवर ने हमला कर दिया तो मुरादाबाद में तेंदुए के हमले में 3 लोग घायल हुए हैं.
- लखीमपुर जिले के जंगलों में बाढ़ के कारण बाघ और तेंदुए रिहायशी इलाकों में निकल आए हैं और खतरा बढ़ गया है.
उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग जंगली जानवरों का आतंक देखने को मिल रहा है. इसके कारण स्थानीय लोगों की नींद उड़ गई है. बहराइच में जहां एक वन्यजीव के हमले में चार लोग घायल हो गए तो लखीमपुर जिले में बाघ और तेंदुए का खौफ लोगों को परेशान कर रहा है. इसके साथ ही मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में तेंदुए के हमले में तीन लोग घायल हो गए, जिसके बाद लोगों में काफी डर है. आइए जानते हैं कि कहां-किस जंगली जानवर के कारण लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं.
बहराइच में लोगों पर वन्यजीव का हमला, 4 घायल
उत्तरप्रदेश के बहराइच में ग्रामीणों की नींद उड़ गई है. गुरुवार की रात एक वन्यजीव ने हमला कर दिया. हालांकि घायल चार लोग अपनी जान बचाने में कामयाब रहे लेकिन किसी अनहोनी की आशंका ने उन्हें अब रातों में जागने को मजबूर कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि मच्छरदानी में सो रहे ग्रामीणों पर महसी क्षेत्र के बम्भौरी ग्राम में भेड़िए ने हमला किया और इसके बाद आसपास के मोतीपुरवा, बदनपुरवा और सिसैया चूड़ामणि ग्राम में अलग-अलग जगहों पर सो रहे दो पुरुष और दो महिलाओं को घायल कर दिया. घटना की सूचना पर पुलिस और वन अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह भी मौके पर पहुंचे और भयभीत लोगों को सुरक्षा का यकीन दिलाया.

वन्यजीव के हमले की आशंका से भयभीत ग्रामीण लाठी-डंडों से लैस अपनी हिफाजत के लिए खुद पहरेदारी कर रहे हैं. हालांकि बहराइच डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि हमला करने वाला वन्यजीव भेड़िया नहीं है. घाघरा नदी की कछार का महसी इलाका पिछले साल अगस्त-सितंबर के महीने में भेड़िए के हमलों को लेकर सुर्खियों में था. उस वक्त आदमखोर भेड़ियों के हमलों में 10 बच्चों समेत ग्यारह लोगों की मौत हो गई थी.
मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक, 3 किसान घायल
इसके अलावा प्रदेश के मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के गांव यूसुफपुर नगलिया के एक खेत में काम कर रहे किसानों पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिसमें तीन किसान मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद सुलेमान और मोहम्मद अशरफ गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ पिछले एक महीने से गांव के आसपास दिखाई दे रहा है. कभी वह पेड़ों पर बैठा नजर आता है तो कभी दीवारों पर छलांग लगाता दिखता है. इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. यही वजह है कि अब गांव में दहशत का माहौल है.
तेंदुए के आतंक और ग्रामीणों के आरोपों की लेकर वन विभाग के अधिकारी ऑन कैमरा कुछ भी कहने से बचते रहे हालांकि ऑफ कैमरा उन्होंने दावा किया कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा.
लखीमपुर में बाघ और तेंदुओं का आतंक गहराया
इसके साथ ही प्रदेश के लखीमपुर जिले में जंगल के आसपास बसे गांवों में बाघ और तेंदुए का खौफ है. घने जंगलों से घिरे लखीमपुर खीरी जिले में इन दिनों बाढ़ की मार जंगल में रहने जानवरों पर पड़ रही है. जंगलों में जलभराव के कारण बाघ हो या तेंदुए सब बाहर निकलने पर मजबूर हैं.
अब जंगल के बाहर रिहायशी इलाकों के आसपास पिंजरे लगाए गए हैं. बीते गुरुवार की शाम को गोला वन रेंज के देवीपुरवा गांव में लगे पिंजरे में एक बाघिन कैद हो गई. बाघिन को रेडियो कॉलर लगाकर अब दुधवा के घने जंगलों में छोड़ दिया गया है.

वहीं दूसरी तरफ धौरहरा वन रेंज के बसंतापुर गांव में ग्रामीणों ने एक तेंदुए को लाठी डंडों के दम पर दबोच लिया. अब तेंदुए को वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
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