- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज पर रोक लगाने की बात कही थी
- अखिलेश यादव ने कहा कि सड़क पर नमाज को लेकर मुद्दा असली समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया है
- अखिलेश ने नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बाकी हैं. इससे पहले सड़क पर नमाज को लेकर सियासत शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज को लेकर कहा था कि सड़क राहगीरों के लिए है, नमाज के लिए नहीं. अब इस पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया भी आ गई है. अखिलेश ने आरोप लगाया कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है.
अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'सड़क पर क्या करना है या नहीं करना है, इस पर कानून है. राजनीतिक स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए. भाजपा सबसे बड़ी 'अधर्मी पार्टी' है.'
उन्होंने कहा कि 'जहां तक सड़कों का सवाल है, उन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए.. वे इस मुद्दे को उठा रहे हैं ताकि हमारी चर्चा अन्य मुद्दों पर दूसरी दिशा में जाए.'
उन्होंने कहा, 'सड़कों पर नमाज कौन पढ़ रहा है? अगर जगह की कमी है.. तो समस्या क्या है.. वे चाहते हैं कि हम कहीं और फंस जाएं.. हमने भाजपा से सीखा है कि हम उनकी बातों में नहीं आएंगे. हम पहले नीट और अन्य मुद्दों के बारे में पूछेंगे.'
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नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा
नीट पेपर लीक का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा नीट एग्जाम अब 'लीक एग्जाम' हो गया है. उन्होंने दावा किया कि इस पेपर लीक से 1.10 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि 'भारतीय जनता पार्टी की सरकार में नीट को 'लीक परीक्षा' लिख देना चाहिए.'
लाखों बच्चों के भविष्य का फैसला करने वाली इस परीक्षा में 'गड़बड़ी' के लिए केवल संबंधित मंत्री ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी इस्तीफे की मांग होनी चाहिए थी.

इंडिया गठबंधन पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में होने वाले चुनावों में सहयोगियों के साथ गठबंधन जारी रहेगा और इसका फॉर्मूला सीट का बंटवारा नहीं बल्कि 'चुनाव में जीत' होगा.
उन्होंने कहा कि 'हमने कई गठबंधन किए हैं. हमारे पास गठबंधन का अनुभव है. समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगियों के लिए लाभ सुनिश्चित किया है. हमने कभी किसी को धोखा नहीं दिया है. आज जो गठबंधन है वह आगे भी जारी रहेगा.'
उन्होंने कहा कि भविष्य में गठबंधन की चर्चा सीट के लिए सौदेबाजी के इर्द-गिर्द नहीं बल्कि चुनावी सफलता सुनिश्चित करने के इर्द-गिर्द घूमेगी. उन्होंने कहा, 'गठबंधन में सीट का सवाल नहीं होगा. लोकसभा चुनाव के दौरान भी मैंने कहा था कि मुद्दा सीट का नहीं है, मुद्दा जीत का है. यही फॉर्मूला फिर काम करेगा. सवाल सीट का नहीं होगा, सवाल जीत का होगा.'
विपक्ष का चेहरा कौन होगा? इस पर अखिलेश ने कहा कि इस बार महंगाई, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमत, अग्निवीर युवा, किसान, मजदूर और 69 हजार शिक्षामित्र भी मुद्दे हैं, जिन्हें स्थायी नौकरी नहीं मिली.' उन्होंने कहा कि 'विपक्ष के लिए चेहरे की क्या जरूरत है. महंगाई तो अपने आप में एक बड़ा चेहरा है.' उन्होंने आगे कहा कि 'जहां भाजपा समाप्त होती है, पीडीए वहां से शुरू होता है.'
जब उनसे भाजपा से लड़ने की रणनीति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे क्योंकि हम उन लोगों से लड़ रहे हैं जो बहुत शक्तिशाली लोग हैं.'
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'भाजपाई कहेंगे- हनुमान जी के डर से भंडारे में गए हैं'
इससे पहले अखिलेश यादव बड़े मंगल के मौके पर हनुमान जी के भंडारे में शामिल हुए. वह लखनऊ के हजरतगंज इलाके में प्रेस एसोसिएशन की ओर से आयोजित भंडारे में पहुंचे थे. यहां पहुंचकर अखिलेश ने खुद लोगों में भंडारा बांटा.
स्नेह से जो बाँटें मन से, वही सच्चा प्रेम-प्रसाद है! pic.twitter.com/5Na0zS1nCW
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 19, 2026
अखिलेश ने यहां तंज कसते हुए कहा कि 'भाजपाई अभी कहने लगेंगे कि हनुमान जी के डर से भंडारे में गए.' उन्होंने कहा, 'जो ये कहे उसका नाम पता हमें बताना सैफई में उसे हनुमान जी के दर्शन हम गाड़ी भेज कर कराएंगे.'
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