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प्रेमानंद जी महाराज अचानक राधा रानी के दरबार क्यों पहुंचे, बरसाना में हुए भाव-विभोर, देखें VIDEO

बृज के प्रमुख और पूज्य संत श्री प्रेमानंद जी महाराज शनिवार अचानक बरसाना में श्री राधा रानी के भव्य दरबार में पहुंच गए. उनके आगमन से मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों की भीड़ उनके आसपास लग गई.

प्रेमानंद जी महाराज अचानक राधा रानी के दरबार क्यों पहुंचे, बरसाना में हुए भाव-विभोर, देखें VIDEO
  • बृज के प्रमुख संत प्रेमानंद जी महाराज अचानक बरसाना के राधा रानी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे
  • प्रेमानंद महाराज ने राधा रानी के समक्ष भाव-विभोर होकर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्तों का मन मोह लिया
  • वे बृज क्षेत्र में राधा रानी के प्रति अटूट श्रद्धा और सरल भक्ति पद्धति के लिए विख्यात हैं
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मथुरा:

बृज के प्रमुख और पूज्य संत श्री प्रेमानंद जी महाराज शनिवार अचानक बरसाना में श्री राधा रानी के भव्य दरबार में पहुंच गए. उनके आगमन से मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों की भीड़ उनके आसपास लग गई. राधा रानी के अनन्य भक्त माने जाने वाले प्रेमानंद महाराज ने बरसाना के राधा रानी मंदिर में पूरे भक्त भाव के साथ लाड़ली के दर्शन किए. दर्शन के दौरान वे पूरी तरह से भाव-विभोर नजर आए.

प्रेमानंद महाराज ने राधा रानी के समक्ष नतमस्तक होकर उनका आशीर्वाद लिया. सभी जानते हैं कि बृज में उनकी विशेष पहचान राधा रानी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा के कारण है. यह पहली बार नहीं है जब संत प्रेमानंद जी महाराज राधा रानी के दरबार में पहुंचे हैं. वे पूर्व में भी यहां दर्शनों के लिए आते रहे हैं.

बृज में संत प्रेमानंद का विशेष महत्व

संत प्रेमानंद महाराज का बृज क्षेत्र में अपना एक अलग और विशेष महत्व है. उनके दर्शनों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों से आते हैं. उनकी अमृत वाणी और सरल भक्ति पद्धति लाखों लोगों को अध्यात्म से जोड़ती है. उनका राधा रानी के दरबार में पहुंचना बृज के भक्तों के लिए एक विशेष अवसर माना जाता है.

बीते दिनों अस्वस्थ थे संत प्रेमानंद

बता दें कि प्रेमानंद महाराज बीते महीने अस्वस्थ चल रहे थे. जिसके चलते उनकी प्रतिदिन सुबह निकलने वाली तीर्थयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोकनी पड़ी थी. प्रेमानंद महाराज की किडनी फेल हैं. जिसके चलते उनकी सेहत समय-समय पर खराब हो जाती है. किडनी फेल होने पर डायलिसिस करना होता है. कहा जाता है कि प्रेमानंद महाराज का रोज डायलिसिस होता है, जिसमें कम से कम चार घंटा का समय लगता है. 

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