- रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के मोहम्मद शाहिद को जीएसटी विभाग ने एक करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया
- शाहिद ने बताया कि करीब बीस साल पहले उसका पैन कार्ड और आधार कार्ड खो गया था जिसे हाल ही में नया बनवाया गया है
- नोटिस मिलने के बाद शाहिद और उसका परिवार सदमे में है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस समस्या का समाधान कैसे करें
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे जान आप भी हैरान रह जाएंगे. रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीर गंज बाजार के रहने वाले मोहम्मद शाहिद को जीएसटी का एक नोटिस जारी हुआ है. वो भी 1 करोड़ 25 हजार का. नोटिस मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया है. कुम्हार का कहना है कि उसके साथ फ्राड किया गया है. नोटिस के बाद से परिवार सदमें में है और समझ नहीं आ रहा कि करें तो करें क्या? कुम्हार ने तो यहां तक कतह दिया कि अगर इसका हल नहीं निकला तो वो दवाई खाकर जान दे देगा.
पैरों तले खिसक गई जमीन
रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीर गंज बाजार के रहने वाले मोहम्मद शाहिद को जीएसटी का एक नोटिस जारी हुआ. जीएसटी ने 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपये का नोटिस जारी किया है. नोटिस उसे डाक से मिला. अनपढ़ शाहिद ने जब उस नोटिस को किसी से पढ़वाया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.केंद्रीय माल एवं सेवा कर व केंद्रीय उत्पाद शुल्क, वैशाली प्रभा मंडल हाजीपुर से उसे एक करोड़ पचीस हजार का नोटिस जारी किया गया था. नोटिस मिलने के बाद मोहम्मद शहीद और उसका परिवार सदमे में हैं उसे समझ नही आ रहा है कि ऐसा कैसे हुआ. उसने बताया कि करीब बीस साल पहले उसका पैन कार्ड और आधार खो गया था जो उसने अब नया बनवा लिया है.मोहम्मद शहीद का कहना है कि अगर ऐसा समस्या का हल नही निकला तो वो कोई दवाई कहकर जान दे देगा.
कुम्हार की बात में कितनी सच्चाई
हालांकि मोहम्मद शाहिद ने किसी बड़े कारोबार या पार्टनरशिप होने से इंकार किया है,लेकिन 20-22 साल पहले पैन कार्ड और आधार का खो जाना कुछ संदेह के घेरे में है. 22 साल पहले एक कुम्हार को पैन कार्ड का क्या जरूरत रही होगी? आधार कार्ड भी पूरे देश में 2010 में लागू हुआ था.मोहम्मद शाहिद करीब 2006 के आसपास आधार के खोने का दावा कर रहे हैं.
रायबरेली से फैज अब्बास की रिपोर्ट
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