- मेरठ के रघुनंदन ज्वैलर्स में दिल्ली का सर्राफा कारोबारी बताकर कृष्णा ने एक करोड़ की ज्वैलरी ठगी की
- भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा को लालच देकर एक करोड़ कैश ज्वैलर्स के यहां जमा कराए गए थे
- प्रवीण शर्मा ने ज्वैलर्स से एक करोड़ रुपये वापस मांगे, लेकिन ज्वैलर्स ने ज्वैलरी सौदे को पेमेंट माना
मेरठ में एक करोड़ रूपये की ठगी ने सर्राफा कारोबारियों के माथे पर पसीना ला दिया. ये देश की पहली ऐसी ठगी होगी, जिसमें ठग और पेमेंट करने वाले साथ-साथ थे, लेकिन जब तक नटवरलाल का गेम समझ आया तब तक बहुत देर हो चुकी थी. नटवरलाल ने खुद को दिल्ली का सर्राफा कारोबारी बताकर ज्वैलरी खरीदवाई और मेरठ के दूसरे बड़े कारोबारी को झांसा देकर एक करोड़ की रकम जमा करा ली. पुलिस जितना इस कहानी को सुलझाने की कोशिश कर रही है उतना ही उलझ रही है. हालांकि पुलिस दूसरे एंगल पर भी काम कर रही है.चलिए मेरठ के इस नटवरलाल का गेम समझते हैं.
पहले पूरा मामला समझिए
मेरठ के सबसे पॉश इलाके आबूलेन के रघुनंदन ज्वैलर्स की गिनती पश्चिमी यूपी के बड़े सर्राफा कारोबारियों में होती है, लेकिन इस बार इनका शोरूम ठगी और ठगों के कारनामों की वजह से सुर्खियों में है. महाठग कृष्णा ने खुद को दिल्ली का सर्राफा कारोबारी बताते हुए शादी के लिए ज्वैलरी खरीदने की बात की. रघुनंदन ज्वैलर्स के मालिक तन्मय अग्रवाल को व्हासएप के जरिए कॉल किया, इस पर रघुनंदन सर्राफ ने बेहतरीन ज्वैलरी देखाने की बात कह डाली. कृष्णा ठग ने अपने भतीजे को शोरूम पर भेज दिया और उसने करीब 601 ग्राम गोल्ड की ज्वैलरी पसंद कर ली, जिसमें सोने के आभूषण, गले के हार, अंगूठी और बुंदे खरीद लिए और बिल भी कटा लिया, तभी कृष्णा ने एकाउंट में पैसे जमा करने में असमर्थता जताते हुए अमानत के तौर पर एक करोड़ कैश जमा कराने को कह दिया.इस पर रघुनंदन लाल ज्वैलर्स के मालिक तैयार हो गए.कुछ ही देर में मेरठ के ही रहने वाले भगवान बुक डिपो संचालक प्रवीण शर्मा अपनी पत्नी के साथ एक करोड़ रूपया कैश रघुनंदन ज्वैलर्स के यहां पहुंच गए और जमा करा दिया. जैसे ही एक करोड़ रूपये की गड्डियों की काउंटिंग पूरी हुई, कृष्णा का भतीजा एक करोड़ रूपये की ज्वैलरी लेकर शोरूम से निकल गया.
यहां हो गया खेला
अब रघुनंदन ज्वैलर्स पर बैठे भगवान डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा ने कुछ ही देर बाद एक करोड़ रूपये वापस मांगे तो रघुनदंन ज्वैलर्स ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि कृष्णा का भतीजा एक करोड़ की ज्वैलरी ले गया है, हम पैसे क्यों दें? इस बात पर हंगामा खड़ा हो गया. चर्चा है कि कृष्णा ने भगवान बुक डिपो के मालिक प्रवीण शर्मा को भी अपने जाल में फंसा रखा था और उन्हें भी कुछ लालच देकर रघुनंदन ज्वैलर्स के यहां एक करोड़ कैश लेकर भेजा था और उनके एकाउंट में एक करोड़ की ट्रांजेक्शन की बता कही थी, लेकिन जब प्रवीण के एकाउंट में एक करोड़ की ट्रांजेंक्शन नहीं हुई तो उन्होंने शक होने पर कृष्णा का फोन मिलाया तो वो स्विच्ड ऑफ आया. हालांकि प्रवीण शर्मा कैमरे पर आने से बच रहे हैं, लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं कि वो ये पैसा फर्म में जमा कराने आए थे, जो जमा नहीं हुआ इसलिए पैसा वापिस मांग रहें हैं. रघुनंदन ज्वैलर्स के मालिक राकेश प्रकाश अग्रवाल सर्राफ एसोसिएशन के साथ सीओ कैंट नवीना शुक्ला से मिले और उन्हें पूरी ठगी की कहानी बता डाली.
पुलिस भी हर एंगल से कर रही जांच
मामला बेहद गंभीर है.खुद को दिल्ली का सर्राफा कारोबारी बताने वाले कृष्णा ने एक तरफ अपने कथित भतीजे को एक करोड़ की ज्वैलरी लेने रघुनंदन ज्वैलर्स पर भेज दिया और दूसरी तरफ भगवान डिपो के मालिक प्रवीण शर्मा को लालच देकर एक करोड़ रूपये रघुनंदन पर जमा करने के लिए भेज दिया, लेकिन इस बात की भनक प्रवीण शर्मा को नहीं लगने दी कि वो उसका भतीजा शोरूम पर बैठकर एक करोड़ की ज्वैलरी खरीद रहे हैं.अब प्रवीण शर्मा रघुनंदन ज्वैलर्स से एक करोड़ कैश वापस मांग रहें हैं और रघुनंदन ज्वैलर्स कृष्णा के भतीजे को एक करोड़ की ज्वैलरी देने के इसे भुगतान मानते हुए पेमेंट करने को तैयार नहीं हैं, हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे कई तस्वीर भी निकलकर सामने आ रहीं हैं.पुलिस इस मामले में दूसरे एंगल पर भी काम रह रही है कि आखिर एक करोड़ रूपया कैश आखिर प्रवीण शर्मा के पास कहां से आया और वो रघुनंदन ज्वैलर्स के यहां उसी दिन एक करोड़ रूपये कैश लेकर क्यों पहुंचे, जब कृष्णा का कथित भतीजा एक करोड़ रूपये की ज्वैलरी खरीदने आया था. इस कहानी में पुलिस को कुछ पेच भी नजर आ रहा है और हो सकता है पुलिस जल्द बड़ा खुलासा कर दे.
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