- RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आने वाले 20-30 वर्षों में भारत विश्वगुरु बनकर उभरेगा और हिंदू राष्ट्र बनेगा.
- उन्होंने हिंदू समाज में एकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आपसी फूट के कारण ही हिंदू कभी पराजित हुआ है.
- भागवत ने कहा कि भारत को मिली भक्ति की शक्ति आसुरी शक्तियों और राजाओं से प्रभावित नहीं हो सकती.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आने वाले 20-30 साल में भारत विश्वगुरु बनेगा और हिन्दू राष्ट्र बनकर रहेगा. मोहन भागवत ने वृंदावन में सुदामा कुटी आश्रम द्वारा रामानन्दी सम्प्रदाय के प्रवर्तक रामानन्दाचार्य की 726वीं जयंती एवं सुदामा कुटी के संस्थापक संत सुदामा दास के वृंदावन आगमन के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में यह बात कही. इस दौरान उन्होंने हिंदुओं में फूट पर भी चेताया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं में फूट के कारण ही पराजय होती है. भारत की भक्ति परंपरा का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत को भक्ति से मिली अमृत की शक्ति है और आसुरी और राजाओं की शक्तियां उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती. तैयारी की कमी के कारण ही समस्याएं आती है.
हमारे खिलाफ काम कर रही शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीः मोहन भागवत
भागवत ने कहा यह शक्तियां जो हमारे खिलाफ काम कर रही हैं, हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती. पर उन्होंने तैयारी की कमी पर भी ध्यान देते हुए कहा कि हमें जैसा होना चाहिए हम ऐसी तैयारी नहीं किए हैं. इतिहास का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि आक्रमणकारी और सुल्तानों की अत्याचार के बीच हमने बलिदान देकर अपनी शक्ति को बचा कर रखा. यह शक्ति हमें भक्ति से मिली है और वह शक्ति हमेशा अपना काम करती है .
समाज की एकता पर जोर देते हुए मोहन भागवत ने यह भी कहा कि हिंदू समाज फुट के कारण ही पराजित होता है. शक्ति दुर्बलों को प्रताड़ित करती है. जो दुर्बल है उन्हें और सताती है. जब शक्ति होती है तो पूरी दुनिया को सताती है लेकिन भारत का इतिहास ऐसा नहीं है, हमारे पास अमृत की शक्ति है .
किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रखना चाहिएः मोहन भागवत
मोहन भागवत पहले भी इन बातों को दोहराते रहे हैं. मथुरा के मंच पर भी कहा जैसे-जैसे हिंदू समाज एक होता जाएगा, वैसे-वैसे आसुरी शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे. भागवत ने यह भी कहा कि किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रखना चाहिए. जहां हम रहते हैं जो समाज है, हमे उसे एक मानना चाहिए. पूरा हिंदू समाज ही एक है लेकिन दुनिया भाषा जाति पथ और संप्रदाय के आधार पर अलगाव करती है.
हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकताः मोहन भागवत
भागवत ने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता क्योंकि भारत का जन्म ही इसीलिए हुआ है. उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए बस हमारी तैयारी की देरी है. हमें इसके लिए एकजुट हो जाना चाहिए.'' इस मौके पर मंच पर साध्वी ऋतम्भरा, गीता मनीषी संत ज्ञानानन्द, नाभा पीठाधीश्वर महंत सुतीक्ष्ण दास, मणिराम छावनी अयोध्या के पीठाधीश्वर, पीपा पीठाधीश्वर बलराम दास, महंत राजेंद्र दास, कमल नयन दास, नेपाल से आए स्वामी रामकृष्ण दास, स्वामी सुदर्शन दास, स्वामी लाडली शरण दास, दिल्ली से आए कुमार स्वामी आदि संत मौजूद थे.
हिंदू केवल आपसी फूट के कारण हाराः मोहन भागवत
मोहन भागवत ने आगे कहा, ‘‘हिन्दू कभी दुश्मन के शौर्य, वीरता या बल के कारण नहीं पराजित हुआ. वह जब भी हारा, केवल आपसी फूट के कारण ही हारा लेकिन चिंता की बात नहीं. हमने चार-पांच सौ वर्षों तक मुगलों की दासता झेली, उनके अत्याचार सहे. परंतु सनातन फिर भी कमजोर नहीं पड़ा. उसे जितने कष्ट दिए गए, वह पहले से मजबूत होकर पुन: उठ खड़ा हुआ.''
भागवत ने कहा, ‘‘इसीलिए मैं कहता हूं कि आने वाले बीस-तीस वर्षों में भारत विश्वगुरु बनकर सुख-शांति भरा जीवन देने वाला राष्ट्र बनेगा, हिन्दू राष्ट्र बनकर रहेगा. भारत का जन्म ही इसीलिए हुआ है और यह प्रयोजन हमारे सामने उपस्थित है. बस, इसके लिए हमारी तैयारी की देरी है. हमें उसके लिए एकजुट हो जाना चाहिए.''
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