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मुस्कान जेल में पढ़ेगी ये खास किताब, सीखेगी जीवन जीने का सही तरीका?

मेरठ सांसद अरुण गोविल ने जेल में मुस्कान की आंखों में आंसू के सवाल पर कहा कि संवेदनशीलता हर व्यक्ति में होती है. मैंने उनको समझाया नहीं. लेकिन रामायण से जीवन में परिवर्तन जरूर आएगा.

मुस्कान जेल में पढ़ेगी ये खास किताब, सीखेगी जीवन जीने का सही तरीका?
सांसद अरुण गोविल ने मेरठ जेल में बांटी रामायण.
मेरठ:

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत मर्डर केस में आरोपी मुस्कान अपने बॉयफ्रेंड साहिल (Muskan-Sahil) के साथ जेल में बंद है. मेरठ के सांसद अरुण गोविल ने 'घर-घर रामायण' अभियान के तहत जेल जाकर पुलिस अधिकारियों और कैदियों को रामायण बांटी. इस दौरान उन्होंने जेल में बंद मुस्कान को भी रामायण भेंट (Meerut Jial Ramayan Distribution) की. सांसद अरुण गोविल ने पत्रकारों को बताया कि बहुत दिनों से उनके मन में इच्छा थी कि जेल में रामायण बांटी जाए.

मेरठ जेल पहुंचे रामायण के 'राम'

बस मन की उसी इच्छा को लेकर उन्होंने रविवार को मेरठ जेल के पुलिस अधिकारियों और कैदियों को रामायण बांटी. सभी ने सिर झुका कर इसे स्वीकार किया. जिसने स्वेच्छा से मांगी, रामायण उसी को दी गई. मेरठ सांसद ने बताया कि उन्होंने रामायण की डेढ़ हजार प्रतियां बांटी हैं. जैसे ही जेल में उनकी एंट्री हुई, तो पूरा परिसर जय श्री राम के नारों से गूंज उठा. सांसद ने बताया कि उन्होंने चार जगह रामायण दी है. महिलाओं को रामायण दी गई है. 

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सांसद अरुण गोविल ने मुस्कान को दी रामायण

अरुण गोविल ने कहा कि सभी से आग्रह किया गया कि रामायण जरूर पढ़ें, तभी समझ में आएगा कि जीवन कैसे जीएं. रामायण धार्मिक ग्रंथ तो है ही, साथ में सामाजिक और पारिवारिक आचरण की गाइड है. सभी लोगों ने बहुत श्रद्धा के साथ इसे सिर झुका कर स्वीकार किया है. कई कैदियों ने तो अंग्रेजी में मुझे 'गुड जॉब' कहा, यह सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा.  मेरठ सांसद ने कहा कि उन्होंने सभी को जल्दी बाहर आने को लेकर शुभकामनाएं दीं और कहा कि बाहर जाते वक्त यहां पर काम करके जाएं कि दोबारा यहां ना आना पड़े. 

मुस्कान ने श्रद्धा से ली 'रामायण'

सौरभ हत्याकांड के कैदियों से मुलाकात के सवाल पर अरुण गोविल ने कहा कि उनसे मुलाकात हुई, लेकिन बात नहीं हुई. उन लोगों ने रामायण को बहुत श्रद्धा से स्वीकार किया.  मुस्कान की आंखों में आंसू के सवाल पर उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता हर व्यक्ति में होती है. मैंने उनको समझाया नहीं है. रामायण से लोगों के जीवन में परिवर्तन आएगा. सभी धर्मों के लोगों ने बहुत श्रद्धा के साथ रामायण को स्वीकार किया है. अभी तक घरों में रामायण नहीं बांटी गई है, लेकिन जेल का अपना अनुभव होता है. गांव में लोग एक जगह एकत्रित हो जाते, तो वहां वितरित की गई है. सभी लोगों ने यहां पर अनुशासन में आकर लाइन में लगकर रामायण की प्रतियां ली हैं.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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