उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मां मंदाकिनी का रौद्र रूप लगातार चिंता बढ़ा रहा है. पिछले करीब सात घंटे से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद फिलहाल बीते 15 मिनट से जलस्तर थमा हुआ है. हालांकि मंदाकिनी की जलधारा इस सदी की बाढ़ के सर्वोच्च शिखर बिंदु को स्पर्श कर चुकी है. बढ़ते जलस्तर के चलते रामघाट समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया है.
बाढ़ का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. कई रास्ते पानी में डुब चुके हैं, दुकानों और घरों में पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी तमाम लोग फंसे हुए हैं. उन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई हैं. मंदाकिनी के जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है. लोगों से अपील की जा रही है कि नदी और बाढ़ के पानी के करीब न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. फिलहाल जलस्तर थमने से थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है.

Photo Credit: NDTV
पुलिस अलर्ट मोड पर है
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चित्रकूट पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. पुलिस ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की ड्रोन कैमरे से निगरानी शुरू कर दी है.
ड्रोन के जरिए जलभराव वाले क्षेत्रों, घाटों पर पानी की स्थिति, आवागमन के रास्तों और संभावित संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है. ड्रोन से मिली तस्वीरों और फुटेज के आधार पर राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है.
पुलिस की ओर से संबंधित थाना प्रभारियों और आपदा प्रबंधन टीम को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
चित्रकूट के एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि ड्रोन निगरानी के माध्यम से उन स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां मानवीय पहुंच मुश्किल है. इससे बाढ़ की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाने में मदद मिल रही है. पुलिस ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. आपात स्थिति में डायल-112 पर सूचना दें.

Photo Credit: NDTV
क्या कह रहे हैं स्थानीय निवासी?
रामघाट के पास ही रहने वाले सौरभ शुक्ला का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बाढ़ नहीं देखी. उन्होंने बताया कि उनके घर की एक मंजिल पूरी तरह पानी में डूब गई है और उन्होंने कीमती सामान निकालकर कहीं और रखा है. पूरा मोहल्ला ही डूब गया है. इसके अलावा यूपी और एमपी को जोड़ने वाला पुल भी पूरी तरह डूब गया है.
राजोला बाईपास के पास हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बना पुल बाढ़ के पानी में डूब गया है. यही रास्ता है, जो चित्रकूट को सीधे सतना से जोड़ता है. इस तरह सतना जाने वाला मुख्य मार्ग बाधित है और यूपी एवं एमपी के बीच संपर्क का एक रास्ता पूरी तरह कट गया है. फिलहाल प्रशासन अलर्ट है और लोगों को पानी से निकालने में जुटा है. स्थानीय लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊंचे इलाकों में रहें और कीमती सामान निकालकर घर से चले जाएं. हालात ऐसे हैं कि शहर के कई मुख्य रास्तों पर नाव चलानी पड़ रही हैं. साइनबोर्ड ही नजर आ रहे हैं और चारों ओर पानी ही पानी है.
यह भी पढ़ें: आंखों के सामने लहरों में समा गए पिता, नेपाल की बाढ़ से बचकर बेतिया लौटा बेटा, 3 साथी अब भी लापता
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं