उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 किमी लंबा ब्लू ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने की तैयारी है. इस प्रोजेक्ट पर 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर बन रहे उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR 2051) विजन डॉक्यूमेंट के तहत लखनऊ में गोमती नदी के आसपास के इलाके का कायाकल्प हो रहा है. गोमती नदी के 19 किलोमीटर लंबे हिस्से को ब्लू-ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित किया जाएगा. ब्लू ग्रीन कॉरिडोर का काम 2027 से 2035 के बीच दो चरणों में पूरा होगा. पहले चरण में 2027 से 2025 के बीच 1100 करोड़ रुपये से NH-230 से आचार्य नरेंद्र देव मार्ग के बीच राष्ट्र प्रेरणा स्थल के साथ 11.5 किमी लंबा सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा.
लखनऊ का ब्लू ग्रीन कॉरिडोर
ब्लू ग्रीन कॉरिडोर में हेरिटेज प्रोमेनेड, आरती के लिए घाट, कल्चरल प्लाजा, शिल्प मूर्तियां, बोटिंग, हेरिटेज मार्केट, मेला ग्राउंड, तैरता हुआ होटल और एक्वाकल्चर सेंटर बनेंगे. प्रोजेक्ट का दूसरा चरण 2030 से 2035 तक चलेगा. 700 करोड़ रुपये का ये प्रोजेक्ट NH-24 से आउटर रिंग रोड के बीच ग्रीन कॉरिडोर की तरह होगा, जो 7.5 किमी लंबा वेलनेस पार्क की तरह होगा. इसमें बोटेनिकल गार्डन, योगा कोर्ट, ओपन प्लेफील्ड, प्लैनेटोरियम, बाजार और वेलनेस पार्क शामिल होंगे.
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यूपी में एक ग्रीन कॉरिडोर पहले ही बना
यूपी की राजधानी लखनऊ को पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन दिया था. 1519 करोड़ का ग्रीन कॉरिडोर पुराने और नए लखनऊ के बीच की दूरी घटाने के साथ ट्रैफिक तेज करेगा.गोमती नदी के किनारे यह कॉरिडोर 5 लाख लोगों को स्मूथ ट्रैफिक मिलेगा. लखनऊ में निशातगंज से समतामूलक चौराहा, हनुमान सेतु, डालीगंज और पक्का पुल तक ब्रिज और आरओबी भी बनेगा. हनुमान सेतु से निशातगंज तक सड़क 10 से 18 मीटर चौड़ी होगी. कॉरिडोर से बागवानी और सौंदर्यीकरण भी होगा.
लखनऊ विकास प्राधिकरण की परियोजना
इस पूरे प्रोजेक्ट में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) इस परियोजना की नोडल एजेंसी बनाई गई है. लखनऊ नगर निगम और मत्स्य विभाग भी इससे जुड़ेंगे.सरकारी कोष पर निर्भरता कम करने के लिए इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मॉडल), लीज मॉडल, सोशल इकोबॉन्ड्स से फंड इकट्ठा करने का प्रस्ताव है. यह उत्तर प्रदेश में किसी भी नदी के किनारे बनने वाला सबसे बड़ा अर्बन रिवर पुनरोद्धार प्रोजेक्ट होगा.
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