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भाई कर रहा था पिता के टुकड़े, बहन ने देखा, लेकिन चुप रही... लखनऊ में नीले ड्रम मर्डर केस में नया मोड़

पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं. 20 फरवरी को पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद अक्षत ने पिता को गोली मार दी. अक्षत शव को तीसरी मंजिल से नीचे एक खाली कमरे में लाया.

भाई कर रहा था पिता के टुकड़े, बहन ने देखा, लेकिन चुप रही... लखनऊ में नीले ड्रम मर्डर केस में नया मोड़
  • लखनऊ के आशियाना इलाके में बेटे अक्षत ने पिता मानवेंद्र की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े किए थे
  • हत्या के समय सगी बहन भी मौजूद थी, जिसे आरोपी ने धमकाकर चुप रहने को कहा था
  • आरोपी ने पिता की लाश के अंगों को अलग-अलग जगह फेंका और कुछ हिस्से नीले ड्रम में छिपाए थे
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लखनऊ के आशियाना इलाके से बेटे द्वारा पिता के मर्डर में अब बहन वाला एंगल भी सामने आ रहा है.बताया जा रहा है कि आरोपी बेटे ने सगी बहन के सामने पिता की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े किए थे. जब 21 साल अक्षत प्रताप सिंह ने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या की, उस वक्त सामने बहन भी देख रही थी. सूत्रों के अनुसार, अक्षत ने पिता को मौत के घाट उतारने के बाद शव के टुकड़े किए और अपनी बहन को बुरी तरह डराया-धमकाया. उसने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि "अगर इसके बारे में किसी को बताया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा." भाई के खौफनाक रूप और पिता की लाश के टुकड़े देखकर बहन इस कदर सहम गई कि उसने पुलिस के सामने सच आने तक चुप्पी साधे रखी.

मशीन से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में छिपाया धड़

पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं. 20 फरवरी को पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद अक्षत ने पिता को गोली मार दी. अक्षत शव को तीसरी मंजिल से नीचे एक खाली कमरे में लाया. बताया जा रहा है कि आरोपी ने मशीन से शरीर को काटा. हाथ-पांव वाले हिस्सों को बैग में भरकर सदरौना के पास फेंक दिया, जबकि पेट और धड़ का हिस्सा एक नीले ड्रम में छिपाकर घर में ही रख दिया. पकड़े जाने से बचने के लिए शातिर आरोपी ने खुद पुलिस में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी.    

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डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता, बेटा निकला कातिल

मृतक मानवेंद्र सिंह शराब और दवा के बड़े कारोबारी थे. उनकी पत्नी की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी. वह चाहते थे कि उनका 21 वर्षीय बेटा अक्षत पढ़-लिखकर डॉक्टर बने, लेकिन अक्षत का पढ़ाई में मन नहीं लगता था. इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में लंबे समय से अनबन चल रही थी. विवाद इतना गहरा था कि अक्षत पहले भी एक बार घर छोड़कर भाग चुका था, लेकिन वापस आने के बाद भी उसके स्वभाव में कोई सुधार नहीं हुआ.

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पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच

लखनऊ पुलिस ने आरोपी अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस को शक है कि वह ड्रम में रखे शरीर के बाकी हिस्सों को भी ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही कानून के शिकंजे में आ गया. फिलहाल, पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है.
 

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