Kanpur News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर देहात से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और खून के रिश्तों को तार-तार कर दिया है. जनपद के मंगलपुर थाना क्षेत्र में लोकलाज और अपने गुनाह के बेपर्दा होने के डर से एक हवस के शिकार भाई ने अपनी ही 18 वर्षीय सगी बहन ज्योति की बेरहमी से हत्या कर दी. हालांकि, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस खौफनाक हत्याकांड के मुख्य आरोपी भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पुलिस की गिरफ्त में आए 23 वर्षीय हत्यारे भाई मिलन ने पूछताछ में जो सनसनीखेज खुलासा किया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए. दरअसल, मिलन का बड़ा भाई वीरू घर से बाहर रहकर मजदूरी करता है. भाई की गैरमौजूदगी में मिलन के अपनी सगी भाभी रेखा देवी के साथ अवैध संबंध बन गए थे. 5 जून की शाम घर के बुजुर्ग और माता-पिता एक रिश्तेदारी में गए हुए थे. घर में मिलन और उसकी भाभी अकेले थे. दोनों बंद कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में थे कि तभी अचानक छोटी बहन ज्योति वहां पहुंच गई. अपनी आंखों के सामने भाई और भाभी के इस शर्मनाक कृत्य को देख ज्योति सन्न रह गई और गुस्से में चिल्लाने लगी.
राज खुलने के डर से रेत दिया गला
ज्योति के चिल्लाने पर मिलन और उसकी भाभी रेखा के पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्हें लगा कि अगर यह बात समाज और परिवार के सामने आई तो वे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे. इसी लोकलाज और अपने गुनाह की पोल खुलने के डर से दोनों ने मिलकर ज्योति को दबोच लिया और धारदार चाकू से उसका गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी.
गुनाह को छुपाने में मददगार बना पूरा परिवार
हैरानी की बात यह है कि इस कत्ल के बाद मिलन ने अपने पिता मान सिंह को पूरी हकीकत बताई. बेटी की मौत का इंसाफ मांगने के बजाय पिता ने भी बेटे के इस जघन्य अपराध को छुपाने का फैसला किया. मिलन, उसके पिता और दो अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर ज्योति के लहूलुहान शव को एक दरी में लपेटा, कार की डिगी में लादा और रात के अंधेरे में सेंगुर नदी में फेंक दिया. बीती 8 जून को जब पुलिस ने नदी से एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया, तो उसकी शिनाख्त ज्योति के रूप में हुई. शव मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और बदनामी के डर से मिलन समेत पूरा परिवार घर छोड़कर फरार हो गया.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
थाना प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी. इसी बीच सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने ग्राम औरंगाबाद मोड़, मंगलपुर-झींझक मार्ग पर बाबा मजार के पास घेराबंदी की और मुख्य आरोपी मिलन को दबोच लिया.
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इस कामयाब कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक के साथ हेड कांस्टेबल अवनीश यादव, कांस्टेबल अभय प्रताप, रवेन्द्र और महिला कांस्टेबल दीक्षा शामिल रहीं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है और वारदात में शामिल भाभी, पिता व अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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