- अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती सुबह और शाम को दो शिफ्ट में की जाती थी
- चढ़ावा गिनने के काम में प्रति शिफ्ट कम से कम 20 कर्मचारी लगे होते थे, कुल मिलाकर 40 कर्मचारी काम करते थे
- अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.अन्य नाम एफआईआर में नहीं हैं
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला इन दिनों खूब चर्चा में है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. वहीं मामले की जांच कर रही एसआआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी. 8 लोग गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं. ये जानना भी जरूरी है कि जिस चढ़ावे को लेकर इतना बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, उसकी गिनती आखिर होती कैसे थी.
दो शिफ्ट में होती थी राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती दिन में दो शिफ्ट में होती थी. सुबह कपाट खुलने से लेकर दोपहर 1 बजे तक के चढ़ावे की गिनती का काम दोपहर 2 बजे होता था. दोपहर 1 बजे के बाद से शाम की आरती तक के चढ़ावे की गिनती का काम रात 8 बजे किया जाता था.
40 कर्मचारी गिनते थे मंदिर का चढ़ावा
हर शिफ्ट में पैसे गिनने के काम में कम से कम 20 लोग लगाए जाते थे. यानी कम से कम 40 कर्मचारी इस काम में लगे थे. इनके अलावा ट्रस्ट के विश्वासपात्र लोगों की निगरानी में चढ़ावा गिनती का काम किया जाता था. फिर बैंक के प्रतिनिधि, पैसों को ट्रस्ट के दफ्तर से बैंक तक ले जाने की जिम्मेदारी निभाने वाली आउटसोर्सिंग फर्म के कर्मचारी, इंटरनल ऑडिटर्स एंड ट्रस्ट के सदस्य इस काम में लगे होते थे. अभी मुकदमा 8 लोगों के खिलाफ हुआ है. ये सभी चंदा/ चढ़ावा गिनने के काम या निगरानी के काम में लगे ट्रस्ट के करीबियों के लोग थे.
ट्रस्ट के लोगों का नाम अभी FIR में दर्ज नहीं
सवाल ये है कि एफआईआर के नवें कॉलम में लिखे अज्ञात में अभी कितने नाम शामिल किए जाएंगे. यानी बैंक, आउटसोर्सिंग फर्म, इंटरनल ऑडिटर्स और ट्रस्ट के लोगों का नाम अभी एफआईआर में दर्ज नहीं है. वीएचपी अध्यक्ष तो ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा पर भी जांच किए जाने की मांग कर रहे हैं.
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक ये लोग गिरफ्तार
बता दें कि जिन लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है उनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, ये लोग आपस में रिश्तेदार भी हैं. अनुकल्प मिश्रा लवकुश मिश्रा का जीजा है. वहीं रमाशंकर मिश्रा लवकुश के पिता और अनुकल्प के ससुर हैं. अनुकल्प मिश्रा की ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी रिश्तेदारी बताई जा रही है.
राम मंदिर मामले में आरोपी रामशंकर मिश्रा, उनके बेटे अनुकल्प मिश्रा और दामाद लवकुश मिश्रा अयोध्या के कौशलपुरी कॉलोनी में रहते हैं. एनडीटीवी की टीम उनके घर गई तो घर से कोई बाहर नहीं आया. एक महिला ने घर के अंदर से कहा कि हमें कोई बात नहीं करनी. वहीं पड़ोसी ने मिश्रा परिवार पर कुछ भी कहने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि मिश्रा परिवार ने लगभग एक साल पहले ये घर बनवाया है.
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