UP Weather Forecast: देशभर के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी अपना सितम ढा रही है. उत्तर भारत के मैदानी इलाके तो लू की चपेट में हैं. प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में शुक्रवार को तो पारा इतना बढ़ गया कि पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा रहा. मौसम विभाग ने 25 अप्रैल यानी शनिवार को भी उत्तर प्रदेश में लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी जारी की है. आज भी ज्यादातर जिलों में पारा 40-45 डिग्री के बीच रहने की आशंका है.
मौसम विभाग के अनुसार, यूपी में आज भी मौसम साफ रहेगा और तीखी धूप भी पड़ेगी. इस धूप ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है, क्योंकि घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. दोपहर में तो फिलहाल सड़कों पर सन्नाटा पसरा रह रहा है. यूपी के लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, कानपुर, मेरठ, नोएडा, आगरा, अयोध्या, बदायूं, मुरादाबाद, बरेली, झांसी सहित यूपी के ज्यादातर जिलों में आज लू चलेगी.

राजस्थान से भी ज्यादा गर्म रहा प्रयागराज
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, देश के ज्यादातर हिस्सों में (पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर भारत से सटे पूर्वी भारत और पश्चिमी तट को छोड़कर) पारा 40-45 डिग्री के बीच रह रहा है. अकेले उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में शुक्रवार को पारा 43 डिग्री से ऊपर रहा था. प्रयागराज में 45.2 डिग्री तो वाराणसी में 44.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. बांदा में 44.2, सुल्तानपुर में 43.8, फुरसतगंज में 43.1, हमीरपुर में 44.2, आगरा में 44 और अलीगढ़ में 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजस्थान के सिर्फ एक जिले बाड़मेर में ही पारा 44 के पार पहुंचा, जबकि यूपी के 5 जिलों में पारा 44 पार पहुंचा था.
ले लगने के लक्षण
लू लगने के मुख्य लक्षणों पर नजर डालें तो इनमें चक्कर आना, तेज सिरदर्द, ज्यादा पसीना आना, अचानक कमजोरी महसूस होना, मतली या उल्टी जैसा लगना. अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें ठंडी जगह पर ले जाएं. ऐसे में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) सुरक्षा के आसान और प्रभावी उपाय भी बताता है.
लू से बचना जरूरी, ऐसे करें बचाव
- पानी ज्यादा पिएं: बच्चों और बुजुर्गों को बार-बार पानी पिलाएं. सामान्य पानी के साथ नींबू पानी, छाछ या ओआरएस घोल भी दिया जा सकता है. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है.
- धूप से बचाव: बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, आंखों पर चश्मा और हल्के, ढीले, सूती कपड़े पहनें. इससे शरीर की गर्मी आसानी से बाहर निकल सके.
- दोपहर के समय घर में रहें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे तेज होती हैं.
- हल्का और पौष्टिक खाना: भोजन में ज्यादा तेल-मसाले वाले भारी खाने से बचें। फल, सब्जियां, दही और हल्का खाना दें जो शरीर को ठंडक प्रदान करे और सुपाच्य हो.
- परहेज रखें: शराब, ज्यादा कैफीन वाली चीजें और बहुत ठंडे पेय पदार्थों से दूर रहें. ये शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकते हैं। प्राकृतिक शरबत या जूस का सेवन करें.
- शरीर की निगरानी: बच्चों और बुजुर्गों पर लगातार नजर रखें. अगर वे थकान महसूस करें या खेलने-घूमने में कम रुचि दिखाएं तो उन्हें आराम कराएं व डॉक्टर से सलाह लें.
स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि गर्मी के मौसम में घरों में पंखे, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें और कमरों को ठंडा रखें. अगर किसी को लू लगने का शक हो तो उसे ठंडे पानी से नहलाएं, गीले कपड़े से शरीर पोछें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें. इन आसान उपायों से बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी की मार से बचा सकते हैं.
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