यूपी के गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. पंचर बनाने वाले व्यक्ति ने बहन के शादी के लिए 30000 का लोन लिया और फ्रॉड का शिकार हो गया. बहन के शादी के लिए लिए गए पैसे उसके लिए गले का फांस बन गया. सीजीएसटी विभाग ने पंचर बनाने वाले गरीब व्यक्ति के खाते (मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड) से 100 करोड़ का टर्नओवर दिखाते हुए 28 करोड़ रुपए GST बकाया के रिकवरी के लिए नोटिस भेज दिया. पंचर बनाने वाला गरीब व्यक्ति के साथ उसका पूरा परिवार सदमे में है. न्याय की मांग को लेकर दर-दर भटक रहा है. पीड़ित का कहना है कि उसे उसके महाराज जी यानी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है कि उसको न्याय मिलेगा. सेंट्रल CGST की नोटिस के बाद उसने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
रामपुर बुजुर्ग के रहने वाले राज प्रजापति पंचर की दुकान चलाते हैं. राज और उनका परिवार तब सदमे में आ गया जब राज प्रजापति को केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से एक सम्मन मिला. इसमें बताया गया है कि उनकी कंपनी 'मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' का टर्नओवर 100 करोड़ रुपए दिखाया गया है. इसमें 28 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी की गई है.
घर का नजारा देख दंग रह गए अधिकारी
फरवरी 2026 में वाराणसी सीजीएसटी विभाग को जांच के दौरान पता चला कि इस कंपनी ने करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और इस पर लगभग 28 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है. बड़ा टर्नओवर दिखाने के बाद इस कंपनी को बंद भी कर दिया गया था. मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मार्च 2026 में जब सीजीएसटी की टीम जांच के लिए रामपुर बुजुर्ग स्थित राज प्रजापति के पते पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए. करोड़ों की कंपनी का मालिक एक मामूली पंचर की दुकान चला रहा था.
राज ने अधिकारियों को अपनी पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद टीम उस वक्त बिना कोई कार्रवाई किए लौट गई. इसमें उसे 27 मई को वाराणसी सीजीएसटी ऑफिस की तरफ से राज प्रजापति के नाम एक आधिकारिक समन जारी हुआ. उन्हें 29 मई को बनारस स्थित कमिश्नर ऑफिस में पेश होने का आदेश दिया गया था.
घबरा गए राज प्रजापति
यह देखकर राज प्रजापति घबरा गए. उन्होंने 30 मई को तुरंत एम्स थाने में शिकायत दर्ज कराई. राज प्रजापति ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि धोखे से उनके कागजातों का इस्तेमाल कर यह फर्जी कंपनी बनाई गई है. पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित ने बताया कि बहन की शादी के लिए गांव के एक व्यक्ति से उधार लिया था. इसी दौरान उससे आधार कार्ड, पैनकार्ड और अन्य जरूरी डॉक्युमेंट्स ले लिए गए थे. उसे कूटरचित तरीके से इस्तेमाल करके उसके नाम से फर्जी कंपनी खोल ली गई.
पीड़ित राज प्रजापति ने बताया कि साल 2024 में उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी. इसके लिए उन्होंने गांव के अमित गुप्ता नाम के एक युवक से संपर्क किया. उसने पैसे दिलाने का झांसा देकर आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए. इसके साथ ही आरोपी ने राज से सिग्नेचर करवाए और दो बार उनका वीडियो भी बनाया. पीड़ित को भनक तक नहीं लगी कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 'मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' नाम से एक फर्जी कंपनी खड़ी कर दी गई और यस बैंक में खाता भी खुलवा लिया गया. पीड़ित ने बताया कि उसे अपने महाराज जी यानी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है. वे मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराएंगे. और पीड़ित राज प्रजापति को न्याय मिलेगा.
2024 से चल रहा है मामला
मकान मालिक दुर्गेश सिंह ने बताया राज प्रजापति उनके मकान में किराए पर रहकर पंचर बनाने का काम करता है. 11 साल से उनके मकान रहता है. 2024 में राज के बहन की शादी थी उस समय से ये मामला चल रहा है. सीजीएसटी विभाग ने 100 करोड़ के टर्न ओवर मामले में 28 करोड़ रुपए का बकाया को लेकर सम्मन भेजा है.
पीड़ित राज प्रजापति के मौसेरे भाई राजन प्रजापति ने कहा, इनका मामला जीएसटी का फ्रॉड का मार्च से चल रहा है. 8 दिन पहले हमारे पास आया हमने तब जानकारी की. उसके बाद पता चला कि पूर्व प्रधान गांव के साथ लेकर राज को थाने लेकर गए. वहां पैसा मांगा गया तो पैसा दिए. पर कुछ हुआ नहीं.
सीएम योगी से न्याय की गुहार
गरीब आदमी जो पंचर बनाता है खाने की व्यवस्था नहीं, उससे पैसे लिया जाना सताना है. उन्होंने कहा कि 17 जून को जन सुनवाई में थाने पर एप्लीकेशन दिया है. हमें उम्मीद है कि मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आएगा तो न्याय मिलेगा. और जो दोषी हो उनपर कार्रवाई हो.
राजन प्रजापति के पड़ोसी राजू ने कहा कि हम राज को बचपन से जानते हैं. पूरा परिवार पंचर बनाने का काम करता है. पंचर बनाने वाला व्यक्ति कैसे 100 करोड़ का टर्न ओवर खाते से कर लिया. राज प्रजापति बेकसूर है उसे न्याय मिलना चाहिए. उसके लिए
हमारा पूरा ग्राम सभा गवाही देने को तैयार है.
पुलिस ने क्या कहा?
गोरखपुर की सीओ कैंट आभा सिंह ने बताया कि एम्स थानाक्षेत्र के गांव रामपुर बुजुर्ग निवासी राज प्रजापति को वाराणसी सीजीएसटी विभाग की ओर से 100 करोड़ रुपए का समन प्राप्त हुआ है. उनके द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, बताया गया है कि उनकी बहन की शादी के लिए बैंक से लोन दिलाने के नाम पर उनके गांव के ही अमित गुप्ता द्वारा आधार कार्ड, पैन कार्ड और इनका हस्ताक्षर प्राप्त किया गया. इसका दुरुपयोग करके अमित गुप्ता द्वारा एक फर्जी कंपनी बनाई गई. इनके साथ धोखाधड़ी की गई. उसी कंपनी के संबंध में सीजीएसटी जारी हुआ है. उक्त प्रकरण की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है. जांच में पाए गए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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