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This Article is From Sep 29, 2024

यूपी में 24 घंटे में तीसरी बार ट्रेन पलटने की साजिश, कानपुर में ट्रैक पर मिला सिलेंडर; चालक की सूझबूझ से टला हादसा

पुष्पक एक्सप्रेस जब गोविंदपुरी स्टेशन के करीब होल्डिंग लाइन के पास पहुंची थी उसी समय चालक ने फायर सेफ्टी सिलेंडर ट्रैक पर देखकर गाड़ी को रोक दिया.

यूपी में 24 घंटे में तीसरी बार ट्रेन पलटने की साजिश, कानपुर में ट्रैक पर मिला सिलेंडर; चालक की सूझबूझ से टला हादसा
नई दिल्ली:

यूपी के कानपुर में एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर बरामद हुआ है. इस बार रेलवे का ही फायर सेफ्टी सिलेंडर (Fire Safety Cylinder) ट्रैक पर पड़ा था. हालांकि कोई दुर्घटना नहीं हुई. कानपुर में रेलवे ट्रैक पर फायर सेफ्टी सिलेंडर पड़ा हुआ था. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से लखनऊ जाने वाली 12534 पुष्पक एक्सप्रेस के लोको पायलट ने समय से सिलेंडर को देखकर ट्रेन को मौक़े पर रोक दिया, जिससे हादसा टल गया. ट्रेन जब गोविंदपुरी स्टेशन के करीब होल्डिंग लाइन के पास ही पहुंची थी तभी शाम करीब 4:15 बजे रेलवे लाइन में फायर सेफ्टी सिलेंडर पड़ा देख चालक चौंक गया. चालक ने सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को ब्रेक लगा कर रोक दिया. ग़नीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार धीमी थी.

 चालक ने इंजन से उतर कर देखा कि सेफ्टी फायर सिलेंडर है जो रेलवे से जुड़ा हुआ है. कंट्रोल रूम में सूचना के बाद चालक उसे लेकर सीधे कानपुर सेंट्रल आ गया. मौके पर आरपीएफ व जीआरपी पहुंची. जांच की गई तो मालूम पड़ा सीनियर सेक्शन इंजीनियर द्वारा इशू किया गया रेलवे का ही सिलेंडर है. पूरे मामले की जांच जा्री है.

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रेलवे ने क्या बताया? 
नॉदर्न सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के मुताबिक होल्डिंग लाइन पर मिले इस फायर सेफ्टी सिलेंडर के बारे में पता लगाया जा रहा है. ये होल्डिंग लाइन पर पड़ा मिला है. इसकी जांच की जा रही है. ये संभावना है कि ये सिलेंडर किसी ट्रेन से गिर गया है या इसे किसी ने हो सकता है जानबूझ कर फेंक दिया हो. इसकी जांच हो रही है. ये रेलवे को ही इशू किया गया सिलेंडर है. हालांकि उस समय कोई ट्रेन लाइन पर नहीं आने की बात सामने आई है क्योंकि वो होल्डिंग लाइन है. 

उन्होंने कहा कि ये सिलेंडर होल्डिंग लाइन पर मिला है इसलिए इसमें बड़ा हादसा होने की गुंजाइश कम होती है. होल्डिंग लाइन वो रेल ट्रैक होती है जिस पर किसी ट्रेन को देर तक रोकना हो तो ये उसके लिए इस्तेमाल की जाती है. होल्डिंग लाइन पर किसी भी ट्रेन की अधिकतम स्पीड 30 किमी की होती है. ये मेन ट्रैक नहीं होता. हालांकि ये बारीक़ी रेलवे या किसी जानकार को पता होती है. ऐसे में किसी शरारती तत्व का या किसी भी भूल की वजह से सिलेंडर ट्रैक पर रखा जा सकता है.

कई जगहों पर हुई है इस तरह की घटना
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में रेलवे ट्रैक पर गैस सिलेंडर मिले हैं. जिससे बाद से प्रशासन की तरफ से सतर्कता बरती जा रही है.हाल ही में  बलिया और महोबा के रेलवे ट्रैक में पत्थर रख कर ट्रेन डिरेल करने की साजिश की गई थी. इस घटना के बाद से आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने रेलवे ट्रेक पर फूट पेट्रोलिंग कर गस्त को बढ़ा दिया है. जीआरपी थाना प्रभारी रणविजय बहादुर ने अपनी टीम के साथ रेलवे ट्रैक में पहुंचकर चेकिंग अभियान भी चलाया. इस मामले को लेकर सीओ सिटी दीपक दुबे बताते हैं कि ट्रैक पर पत्थर रखने वाले आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर पहलू से जांच कर वैधानिक कार्रवाई में जुटी है.

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