- प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ FIR दर्ज की
- FIR बीएनएस धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की कई धाराओं के तहत झूंसी थाने में दर्ज कराई गई
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों का खंडन करते हुए शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी को अपराधी बताया है
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है. प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. यूपी पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हालांकि अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों का खंडन किया है. इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले को उठाया और योगी सरकार पर निशाना साधा.
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
जानकारी के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ आशुतोष ब्रह्मचारी ने मामला दर्ज कराया है. ब्रह्मचारी की अर्जी पर झूंसी थाने में बीएनएस की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 ,6, 3, 4(2), 16 और 17 में मामला दर्ज हुआ है. इस केस में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और 3 अज्ञात लोग आरोपी हैं.
अविमुक्तेश्वरानंद ने याचिकाकर्ता को बताया अपराधी
वहीं अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों का खंडन करते हुए याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी को अपराधी बताया है. उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज है और उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री है. वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने पलटवार करते हुए कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद किसी थाने से, किसी कोर्ट से ऐसा एविडेंस सार्वजनिक करें जिससे साबित हो रहा हो कि मैं अपराधी हूं. अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों द्वारा मेरे खिलाफ 21 मुकदमों की फर्जी लिस्ट वायरल की गई. इस पर मेरे द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने किया पलटवार
पुलिस ने भी कहा है कि उनकी तरफ से कोई भी सूची अविमुक्तेश्वरानंद को उपलब्ध नहीं कराई गई है और न ही उस सूची पर कोई मुहर लगाई गई है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए है वो पूरी तरफ बेबुनियाद है क्योंकि मेरा कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. मेरे खिलाफ जो भी मुकदमे दर्ज हुए है वह सिर्फ धार्मिक लड़ाई के कारण दर्ज किए गए है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बटुकों के साथ जो कृत्य किया है वो गलत है.
अविमुक्तेश्वरानंद को जेल तो जाना ही पड़ेगा- आशुतोष ब्रह्मचारी
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, 'मैंने खुद को पीड़ित नहीं बताया है बल्कि मैं इस मामले में सिर्फ एक सूचनाकर्ता हूं. इस मामले में बच्चों को न्याय मिलना है और मेरे खिलाफ फर्जी सूची जारी करने से मेरा कुछ नहीं होने वाला है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जेल तो जाना ही पड़ेगा और न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है.' ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना कालनेमी से करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि उनको उनके किए कि सजा मिलेगी. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और हम उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं. मेरे द्वारा सनातन न्याय यात्रा निकाली जाएगी जो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ है जो उनकी पूरी पोल खोलेगी.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने ये भी दावा किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में एक डिप्टी सीएम के इशारे पर धरने पर बैठे थे. इस बारे में उनकी तरफ से डीजीपी को एक पत्र भी भेजा गया और इसकी जांच की जा रही है. सनातन न्याय यात्रा के जरिए अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बेनकाब किया जाएगा. वहीं इस मामले में एसीपी झूंसी विमल किशोर मिश्रा ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है. कोर्ट के आदेश पर पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से विवेचना की जा रही है.
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