इटावा में 13 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी के कथित धर्मांतरण प्रयास का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. तीन दिन तक चली जांच, पूछताछ और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत 11 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. मामले ने शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
तीन दिन की जांच के बाद एफआईआर
यह मामला पहली बार 3 जुलाई की शाम कोतवाली थाना पहुंचा था. शुरुआती दौर में पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मोबाइल फोन, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की. इस दौरान विभिन्न संगठनों ने भी मामले में कार्रवाई की मांग उठाई. जांच के बाद शनिवार देर रात सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया.
डांस क्लास के दौरान हुई थी पहचान
पीड़िता के पिता के मुताबिक उनकी 13 वर्षीय बेटी डांस सीखने के लिए जाती थी. इसी दौरान उसकी पहचान एक मुस्लिम नाबालिग किशोरी से हुई. आरोप है कि इस परिचय के बाद कुछ अन्य लोगों ने भी किशोरी से संपर्क बढ़ाया. परिवार का दावा है कि बेटी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और उससे जुड़े संदेश भी मोबाइल फोन पर भेजे गए.
परिवार को शक होने पर पहुंचा मामला पुलिस तक
परिजनों का कहना है कि जब उन्हें बेटी के मोबाइल और उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें संदेह हुआ. इसके बाद परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी.
सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने तहरीर और शुरुआती जांच के आधार पर मकान मालिक अंशु यादव, दीपा, मुख्य आरोपी के पिता, रिहान, जीशान और अयान के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इसके साथ ही पुलिस ने पीड़िता की नाबालिग दोस्त को भी आरोपी बनाया है. इन सभी पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कुल 11 धाराओं में केस दर्ज किया है.
कई आरोपियों से पूछताछ जारी
जांच अधिकारी अवनीश कुमार सिंह के मुताबिक पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों में से कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है.
जांच के तहत आरोपियों और संबंधित लोगों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले क्या साक्ष्य मौजूद हैं और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति क्या थी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं