नीट को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की जुगलबंदी की कई तस्वीरें सामने आई हैं. इन तस्वीरों से एक तरफ अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में इंडिया अलायन्स के तहत सपा और कांग्रेस के गठबंधन के और मज़बूत होने के संकेत मिल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव की सक्रियता युवाओं को पार्टी से जोड़ने में बेहद अहम हो सकती है.
गुरुवार को दोपहर में विपक्ष के तमाम नेता संसद भवन परिसर में इकट्ठे होकर नारेबाजी कर रहे थे. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच में सोनिया गांधी खड़ी थीं. राहुल के बगल में अखिलेश यादव प्रदर्शन कर रहे थे. इसी बीच राहुल गांधी ने धूप की वजह से सोनिया गांधी को अंदर जाने को कहा. सोनिया गांधी जैसे ही वहां से निकलीं, राहुल गांधी ने अखिलेश यादव का हाथ पकड़ा और उस जगह खड़ा कर दिया जहां सोनिया गांधी खड़ी थीं. यानी राहुल और प्रियंका के बीच में.
संसद भवन की तस्वीर ही नहीं बल्कि मंगलवार को जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे और फिर सड़क पर लेट गए, उस दिन राहुल गांधी के पास खड़े अखिलेश यादव ने हाथ बढ़ाकर राहुल को उठाया और फिर दोनों नेता मिलकर इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते दिखाई देने लगे. राहुल और अखिलेश यादव ने संसद सत्र शुरू होने के दौरान बंद कमरे में मुलाकात भी की और सत्र के दौरान साझा रणनीति पर विचार विमर्श करके आगे बढ़ने की योजना पर काम शुरू किया. इसका असर भी बीते चार दिनों में दिखाई दे रहा है.
अखिलेश-डिंपल ने छात्रों के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और उनकी पार्टी भी छात्रों के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती दिखाई दे रही है. अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने जहां घायल छात्रों से मुलाकात की तो वहीं आंदोलन के मंच पर सांसद राजीव राय से लेकर इकरा हसन और धर्मेंद्र यादव से लेकर प्रिया सरोज छात्रों का समर्थन करते नजर आए. सपा नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर खुलकर छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया और कई शहरों में सड़कों पर उतरकर अपने विरोध दर्ज कराया.
संसद में भी अखिलेश ने जोर शोर से उठाया मुद्दा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद के अंदर भी इस मामले को जोर शोर से उठाया और सीधा निशाना सरकार पर साधा. जाहिर है पीडीए के फार्मूले को लेकर यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगे अखिलेश यादव युवा वोटर्स के बीच इस आंदोलन के जरिए अपनी मजबूत पैठ बनाने की कोशिश में जुटे हैं. आंदोलन से जुड़ीं जिस तरह की तस्वीरें सपा नेताओं की सामने आई हैं, उससे पार्टी ये संदेश देने की कोशिश में लगी है कि जाति धर्म से अलग हटकर सपा युवाओं के मुद्दों पर उनके साथ खड़ी रहेगी.
यूपी चुनाव में मिल सकता है फायदा
जंतर मंतर के प्रदर्शन और सपा की भूमिका यूपी विधानसभा चुनाव में सपा को कितना फायदा दिला पाएगी, ये तो वक़्त बताएगा लेकिन विरोध करने वाले तबके में सपा ने अब तक अपना प्रभाव अच्छा डाला है, ये माना जा सकता है. साथ ही बीते कुछ समय से सपा कांग्रेस में गतिरोध के कयासों के बीच इन आंदोलन के जरिए राहुल और अखिलेश यादव की जुगलबंदी ने इंडिया अलायन्स के लिए एक शुभ संकेत भी दिए हैं. यूपी चुनावों तक अगर ये जुगलबंदी ऐसी ही बनी रही तो जाहिर है फ़ायदा सपा और कांग्रेस दोनों को हो सकता है.
यह भी पढ़ें- राहुल और अखिलेश सड़क पर, तेजस्वी कहां? बिहार की राजनीति में क्यों उठ रहे हैं सवाल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं