यूपी के महोबा से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसीकला गांव के पास, श्याम नाला की उफनती नदी में बारातियों से भरी एक बोलेरो कार बह गई. हादसे के वक्त कार में दूल्हे के पिता सहित छह लोग सवार थे. चीख-पुकार सुनकर स्थानीय मुस्लिम भाइयों तौफीक और शफीक ने अपने साथियों इरफान, जमशेद और दीनदयाल सहित अन्य ने बिना वक्त गंवाए उफनती नदी में छलांग लगा दी. करीब डेढ़ घंटे की भारी मशक्कत के बाद सभी छह बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर की मदद से कार को बाहर निकाला गया. इस पूरे हादसे ने जहां एक तरफ हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है, वहीं दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग की बड़ी लापरवाही को भी उजागर किया है.
मामला महोबा जनपद के खन्ना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरसीकला गाव का है. जानकारी के मुताबिक, चिचारा गांव के रहने वाले रामऔतार के पुत्र रोहित की बारात बांदा जनपद के मसारी गांव जा रही थी. तभी सिरसीकला गांव के पास श्याम नाला पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल के पास यह भयानक हादसा हो गया.
एक साल से चल रहा है कि पुल निर्माण का काम
दरअसल, पिछले करीब एक साल से इस पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते यहां एक अस्थाई यानी वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था. बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही का आलम यह था कि इस खतरनाक रास्ते पर कहीं भी कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी. जैसे ही बारातियों से भरी बोलेरो इस रास्ते से गुजरी, वह अनियंत्रित होकर उफनाते नाले में बहने लगी. पास में ही ट्रैक्टर सुधारने की दुकान चलाने वाले इसराइल के बेटों तौफीक और शफीक को कार गिरने और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी. हादसे की गंभीरता को देखते हुए दोनों मुस्लिम भाइयों ने बिना अपनी जान की परवाह किए अपने पड़ोसी साथियों इरफान, जमशेद और दीनदयाल सहित अन्य के साथ मिलकर उफनाती नदी में छलांग लगा दी.
सभी छह बारातियों की बचाई जान
करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे दूल्हे के पिता रामऔतार सहित सभी छह बारातियों को पानी के तेज बहाव से सकुशल बाहर निकाल लिया गया. हादसे की खबर मिलते ही खन्ना थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर मंगवाकर बोलेरो कार को भी नदी से बाहर निकाला गया. स्थानीय निवासी कालीचरण प्रजापति का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग पिछले कई महीनों से कछुआ गति से काम कर रहा है. बीच-बीच में काम बंद कर दिया जाता है, जिससे यहां हर वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा मंडराता रहता है. फिलहाल, सभी बाराती पूरी तरह सुरक्षित हैं.
ग्रामीणों की तत्परता से बची छह लोगों की जान
स्थानीय निवासी इसराइल ने बताया कि एक बोलेरो गाड़ी उफनते नाले में बह गई थी, जिसमें चार-पांच लोग सवार थे. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य किया. ग्रामीणों की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

पुल निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण हुआ हादसा
स्थानीय निवासी तौफ़ीक़ अली ने बताया कि उधर से आ रही एक बोलेरो उफनते पानी में बह गई, जिसमें छह लोग सवार थे. उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन पुल और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ. घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने साथियों के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. तौफीक अली ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ.
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स्थानीय निवासी जब्बार ने बताया कि यहां पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिए कहीं भी बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए हैं. इसी रास्ते से वाहन गुजर रहे हैं, जिसके चलते यह हादसा हुआ. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की गई होती, तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था.
विभाग पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासी कालीचरण प्रजापति ने बताया कि यह पुल करीब एक वर्ष पहले क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद (पीडब्ल्यूडी) द्वारा इसका निर्माण कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि चिचारा से मसारी जा रही बारात की बोलेरो अस्थायी मार्ग से गुजर रही थी. उस समय पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर नाले में बह गया. ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य कर सभी सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग नहीं की गई, जो विभाग की बड़ी लापरवाही है. उनका कहना है कि पिछले लगभग पांच माह से निर्माण कार्य रुक-रुककर चल रहा है, इसलिए पुल अब तक पूरा नहीं हो सका.
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