कानपुर से महोबा तक 117 किमी के नए हाईवे को मंजूरी दे दी है. इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड रीजन तक बड़ा फायदा मिलेगा. एमपी में सागर, भोपाल तक फर्राटेदार सफर होगा. 7145 करोड़ से 4-6 लेन का ये राजमार्ग भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को नया विस्तार देगा. सीएम योगी ने कहा कि पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के तहत बनने वाली यह परियोजना बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और कानपुर रिंग रोड को जोड़ेगी. केंद्रीय कैबिनेट ने 7145 करोड़ की लागत वाले 117.7 किमी लंबे कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी है.
नितिन गडकरी ने किया पोस्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NH-34 के कानपुर-कब्रई सेक्शन के लिए 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इसमें 117.70 km का ग्रीनफ़ील्ड डेवलपमेंट और 123.86 km का ब्राउनफ़ील्ड ऑपरेशन और मेंटेनेंस शामिल है. यह प्रोजेक्ट 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) मोड के तहत कुल 7,145.14 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट में 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और दोनों तरफ 12.002 km की सर्विस रोड शामिल हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित और ज़्यादा बेहतर होगी. पूरा होने पर, यह कॉरिडोर कानपुर और कब्रई के बीच यात्रा के समय को 3.5 घंटे से घटाकर सिर्फ़ 1.5 घंटे कर देगा. साथ ही यात्रा में रफ्तार 30-40 से बढ़कर 80 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7145 करोड़ रुपये से एनएच-34 के कानपुर-कबरई खंड पर बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल के तहत 4/6-लेन की राजमार्ग परियोजना के निर्माण को स्वीकृति दी है. ये हाईवे भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा. कानपुर से महोबा के साथ साथ सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों से संपर्क भी मजबूत होगा. इस 80 से 100 किलोमीटर रफ्तार वाले गलियारे से कानपुर और कबरई के बीच यात्रा समय 3.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा.
यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड तथा राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 से रणनीतिक संपर्क भी उपलब्ध कराएगी. यह गलियारा कबरई खनन क्षेत्र से संपर्क को भी मजबूत करेगा, जिससे खनिज, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उपज के परिवहन में सुविधा होगी.
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत यह परियोजना 16 इंडस्ट्रियल सेंटरों से संपर्क बेहतर करेगी. इनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटिग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड तथा बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं.
9 सामाजिक केंद्रों फतेहपुर, महोबा, कानपुर चिड़ियाघर, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर एवं गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटन स्थल से संपर्क को भी मजबूत करेगी. परियोजना के तहत 10 लॉजिस्टिक केंद्र भी आएंगे। इनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन तथा कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं