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झांसी किले के पास मजार पर चला बुलडोजर, रानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी में था स्थित

झांसी विकास प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में इस कथित अवैध निर्माण को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और किसी भी व्यक्ति को मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी गई.

झांसी किले के पास मजार पर चला बुलडोजर, रानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी में था स्थित

Bulldozer Action against Shrine in Jhansi: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के झांसी (Jansi) में रानी लक्ष्मीबाई किले (Lakshmibai's fort) की तलहटी में बनी एक मजार पर प्रशासन ने मंगलवार को सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया. विकास प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में इस कथित अवैध निर्माण को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और किसी भी व्यक्ति को मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी गई.

अधिकारियों के मुताबिक, यह मजार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी. झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि प्राधिकरण की है और इस पर बिना अनुमति निर्माण किया गया था, जिसे हटाना जरूरी था.

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

बताया जा रहा है कि कुछ वर्ष पहले हजरत इमरती शाह बाबा के नाम से इस मजार का निर्माण किया गया था. इसको लेकर हिंदूवादी संगठनों ने जिला प्रशासन और शासन से शिकायत की थी. शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की गई और अवैध कब्जा पाए जाने पर इसे हटाने के निर्देश जारी किए गए.

नोटिस के बावजूद नहीं हटाया गया अतिक्रमण

प्रशासन ने मजार कमेटी को कई बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था. अधिकारियों के मुताबिक, 56 बार नोटिस दिए गए थे. इसके बाद मजार कमेटी ने कुछ हिस्से को हटा लिया था, लेकिन मुख्य संरचना को नहीं हटाया गया.

भारी पुलिस बल के बीच शांतिपूर्ण कार्रवाई

प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया था. हालांकि, कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कर ली गई.

अधिकारियों का बयान

झांसी विकास प्राधिकरण के एक्सईएन राजकुमार ने बताया कि यह प्राधिकरण की जमीन थी, जिस पर अवैध अतिक्रमण किया गया था. कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया गया, जिसके चलते आज शेष हिस्से को बुलडोजर से हटाया गया.

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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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