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This Article is From Dec 04, 2018

बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर के बेटे ने कहा- हिंदू-मुस्लिम के झगड़े में आज मेरे पिता गए, कल किसके पिता?'

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी के शक में भीड़ की हिंसा ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान ले ली.

बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर के बेटे ने कहा- हिंदू-मुस्लिम के झगड़े में आज मेरे पिता गए, कल किसके पिता?'
बुलंदशहर हिंसा में जान गंवाने वाले सुबोध कुमार सिंह के बेट अभिषेक
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी के शक में भीड़ की हिंसा ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान ले ली. जैसे ही इसकी खबर उनके बेटे को मिली, उसे लगा जैसे उसकी सारी दुनिया ही उजड़ गई हो. सुबोध सिंह के दो बेटों में से एक अभिषेक जिसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है, ने कहा कि उसके पिता उसे अक्सर अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे. बता दें कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. चार-पांच लोग हिरासत में हैं. मुख्य आरोपी योगेश राज अब भी फ़रार है. भीड़ की हिंसा के मामले में 27 लोगों को नामज़द किया गया है. इन पर 17 धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है. 50-60 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया है.पुलिस की छह टीमें कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं. 

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बुलंदशहर हिंसा मामले में शहीद सुबोध सिंह के बेटे अभिषेक ने कहा, 'मेरे पिता मुझे अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे जो धर्म के नाम पर समाज में हिंसा न फैलाए, आज हिंदू-मुस्लिम के झगड़े में मेरे पिता ने अपनी गंवाई, कल किसके पिता की जान जाएगी?'

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अपने पिता के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए, उसने कहा- मैंने घटना से एक दिन पहले उनसे बात की थी. वह मुझे अपने कमजोर विषयों पर काम करने के लिए कह रहे थे और मुझे उन्होंने उस विषय पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहे थे,  जिसमें मुझे पिछले एग्जाम में कम अंक मिले. 

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इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के बेटे ने कहा कि वह बहुत ही अच्छे इंसान थे. लास्ट टाइम बात हुई तो पूछा था खाने में क्या खाया... बर्थडे पर नहीं आते थे, क्योंकि जॉब करनी थी. धमकियां मिलते रहते थे कि ऐसे जांच मत करो...लेकिन वो करते थे.

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वहीं, सुबोध सिंह की बहन ने कहा कि मेरे भाई अखलाक हत्या के मामले की जांच कर रहा था और इसी वजह से उनकी हत्या हुई है, यह पुलिस की साजिश है. उन्हें शहीद घोषित करना चाहिए और मेमोरियल बनाया जाना चाहिए, हमें पैसे नहीं चाहिए, सीएम केवल गाय, गाय गाय करते हैं.

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कल हुई इस हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक आम नागरिक की मौत हो गई... हिंसक भीड़ ने एक पुलिस चौकी फूंक दी... दर्जनों गाड़ियां जला दी गईं... भीड़ मृतक इंस्पेक्टर का सरकारी पिस्टल और मोबाइल भी लूट कर ले गई... 
 
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