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UP में ब्राह्मण राजनीति पर घमासान: शंकराचार्य विवाद के बाद डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को बुलाकर किया सम्मान

माघ मेला में बटुकों की शिखा खींचे जाने के बाद यूपी में राजनीति गरमा गई. अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को घर बुलाकर सम्मान किया है. केशव मौर्य व ब्रजेश पाठक का यह सुर योगी आदित्यनाथ से अलग है.

UP में ब्राह्मण राजनीति पर घमासान: शंकराचार्य विवाद के बाद डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को बुलाकर किया सम्मान
  • यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने माघ मेले में बटुकों की शिखा खींचने के विवाद पर उन्हें सम्मानित किया.
  • ब्रजेश पाठक ने कहा कि ब्राह्मणों की शिखा छूना महापाप है और किसी को टच करने का अधिकार नहीं है.
  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के बयानों से योगी सरकार के अंदर मतभेद साफ नजर आ रहे हैं.
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माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मौजूद बटुकों की शिखा खींचे जाने के आरोप के बाद यूपी की राजनीति में मचे हंगामे के बीच राज्य सरकार अब स्पष्ट रूप से डैमेज कंट्रोल मोड में दिखाई दे रही है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अपने आवास पर 101 बटुकों को बुलाकर सम्मान किया, उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं, तिलक लगाया और उनकी शिखा का आदर करते हुए आशीर्वाद लिया.

'शिखा खींचना महापाप', ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान

NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में ब्रजेश पाठक ने कहा था, 'ब्राह्मणों की शिखा खींचने वालों को महापाप लगेगा. किसी को टच करने का भी अधिकार नहीं है.' उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख से अलग मानी जा रही है और यह संकेत देती है कि बीजेपी में शंकराचार्य विवाद पर एकमत स्थिति नहीं बन सकी है.

'शिखा सनातन की पहचान, अपमान बर्दाश्त नहीं'

डिप्टी सीएम के घर पहुंचे बटुकों ने NDTV से कहा, 'ब्रजेश पाठक ने सराहनीय काम किया है. बटुक की शिखा ही सनातन पहचान है. शिखा खींचना सनातन का अपमान है. योगी आदित्यनाथ जैसा सनातनी सीएम पूरे देश में होना चाहिए.' उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की.

दो डिप्टी सीएम, दो सुर- सियासत गरम

पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और अब ब्रजेश पाठक दोनों के बयानों ने साफ कर दिया है कि शंकराचार्य विवाद पर योगी सरकार के भीतर भी अलग-अलग रायें मौजूद हैं. यह विपक्ष को बड़ा मौका देता है.

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का तंज- 'बीजेपी दो विचारों में बंटी हुई'

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'दोनों डिप्टी सीएम के बयान और मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि बीजेपी दो तरह के विचार रखती है. जनता समझ जाए कि सनातन के करीब कौन है.'

अखिलेश यादव का हमला: ‘सब आएं, पुण्य कमाएं'

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘पाप' शब्द पर तंज कसते हुए पोस्ट किया, 'सब आएं, सब ही पुण्य कमाएं… शब्द-कर्म के सब पाप मिटाएं.' सपा इस विवाद को पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है.

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शिवपाल यादव का निशाना- 'इतना बुरा लगा तो इस्तीफा दे दें डिप्टी सीएम'

शिवपाल यादव ने कहा, 'अगर यह पाप है तो डिप्टी सीएम इस्तीफा दे दें. अपमान तो सरकार में ही हुआ है.'

कानून-व्यवस्था पर ओपी राजभर की सफाई

योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने NDTV से कहा, 'डिप्टी सीएम अपने हिसाब से बयान दे रहे हैं. कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है. चोटी खींचने का मुद्दा तिल का ताड़ बनाया जा रहा है.' उनकी टिप्पणी विवाद को और उलझाती दिखी.

‘मामला खत्म, सरकार संतों का सम्मान करती है'

यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने NDTV से कहा, 'शंकराचार्य विवाद खत्म हो चुका है. सरकार संतों का अपमान नहीं करती. ब्रजेश पाठक ने सही किया, बटुकों का सम्मान होना चाहिए. भागवत का ‘घर वापसी' और तीन बच्चों वाला बयान केवल सलाह है. उन्होंने यह भी कहा कि जाति के आधार पर किसी का अपमान नहीं होना चाहिए.

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