विज्ञापन

बाहरी चबूतरा, गर्भगृह पर ताला... बांके बिहारी मंदिर में क्यों मचा बवाल? परंपरा टूटी तो प्रशासन-सेवायतों में ठनी

विवाद की मुख्य वजह ठाकुर जी को जगमोहन (बाहरी चबूतरे) पर विराजमान करने का निर्णय है. परंपरा के अनुसार, ठाकुर बांके बिहारी जी केवल विशेष तीज-त्योहारों पर ही जगमोहन में दर्शन देते हैं.

बाहरी चबूतरा, गर्भगृह पर ताला... बांके बिहारी मंदिर में क्यों मचा बवाल? परंपरा टूटी तो प्रशासन-सेवायतों में ठनी
  • ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपरा और नई व्यवस्थाओं को लेकर विवाद गर्भगृह पर ताला लगने से उग्र हो गया है
  • ठाकुरजी को रोजाना जगमोहन में विराजमान करने के प्रशासन के निर्णय में है जबकि परंपरा विशेष तीज पर ही दर्शन की है
  • राजभोग सेवा के दौरान ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान किया गया और बाद में गर्भगृह के द्वार पर ताला लगा मिला
वृंदावन:

विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपराओं और नई व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है. हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद लिए गए निर्णयों ने बुधवार को उस समय उग्र रूप ले लिया, जब मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया. इस कदम के बाद सेवायत गोस्वामियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

विवाद की जड़: परंपरा बनाम नई व्यवस्था

विवाद की मुख्य वजह ठाकुर जी को जगमोहन (बाहरी चबूतरे) पर विराजमान करने का निर्णय है. परंपरा के अनुसार, ठाकुर बांके बिहारी जी केवल विशेष तीज-त्योहारों पर ही जगमोहन में दर्शन देते हैं. भीड़ प्रबंधन और सुगम दर्शन के लिए ठाकुर जी को रोजाना जगमोहन में बैठाने की योजना है. वहीं सेवायत वेणु गोस्वामी का आरोप है कि प्रशासन प्राचीन परंपराओं को जबरन तोड़ना चाहता है. 

जब भगवान के द्वार पर लटका मिला ताला

घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को राजभोग सेवा के दौरान ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान किया गया था. दोपहर में दर्शन बंद होने के बाद जब 'शयनभोग' सेवा के लिए गोस्वामी मंदिर पहुंचे, तो गर्भगृह के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला. प्रशासन के इस निर्णय से न केवल पूजा में व्यवधान पड़ा, बल्कि वहां मौजूद भक्त भी आक्रोशित हो उठे. सेवायत वेणु गोस्वामी ने बताया, "मैं समय पर पूजा के लिए उपस्थित था, लेकिन प्रशासन ने ताला लगाकर सेवा में व्यवधान उत्पन्न किया. यह हमारी सदियों पुरानी मर्यादाओं का उल्लंघन है."

श्रद्धालुओं का फूटा गुस्सा: 'कंस के शासन' से की तुलना

गर्भगृह पर ताला देखकर मंदिर में मौजूद देश-दुनिया से आए श्रद्धालु भड़क गए. भक्तों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की तुलना 'कंस के शासन' से करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी. श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान को इस तरह जंजीरों और तालों में कैद करना उनकी आस्था पर गहरी चोट है.

विरोध के आगे झुकी कमेटी

भक्तों के बढ़ते दबाव और सेवायतों के कड़े विरोध को देखते हुए हाई पावर्ड कमेटी को आखिरकार झुकना पड़ा. भारी नारेबाजी के बीच कुछ ही देर बाद गर्भगृह का ताला खोला गया और दर्शन सुचारु रूप से शुरू हो सके. सेवाधिकारी हिमांशु गोस्वामी ने जीत का श्रेय भक्तों को देते हुए कहा, "ठाकुर जी की मर्यादा की रक्षा के लिए भक्त हमारे साथ खड़े रहे. कमेटी को अपनी हठ छोड़नी पड़ी, जिसके लिए हम श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हैं."
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Banke Bihari Temple Controversy, Vrindavan Temple Dispute, Banke Bihari Sanctum Locked, Jagmohan Arrangement Dispute, Banke Bihari Tradition Vs New System
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com