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रेंट के घर में टूट-फूट का खर्च कौन देगा? जानिए मकान मालिक-किरायेदार के अधिकार और जिम्मेदारियां

अगर आप किराए के घर में रहते हैं या आपने अपना घर किराए पर दे रखा है, तो इन नियमों की जानकारी होना आपके लिए बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं रेंट के घर को लेकर मकान मालिक और किरायेदार की क्या-क्या जिम्मेदारियां होती हैं-

रेंट के घर में टूट-फूट का खर्च कौन देगा? जानिए मकान मालिक-किरायेदार के अधिकार और जिम्मेदारियां
किराए के घर में टूट-फूट हो जाए तो पैसे कौन देगा?
(P.C- NDTV)

किराए के घर में रहने के दौरान अक्सर ऐसी स्थिति आ जाती है जब घर में कोई खराबी आ जाती है. कभी नल टपकने लगता है, कभी दीवार में दरार पड़ जाती है, तो कभी बिजली या पाइपलाइन से जुड़ी कोई समस्या हो जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा मकान मालिक या किरायेदार? कई बार इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस भी हो जाती है. हालांकि, ऐसे मामलों को लेकर मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021 में साफ नियम बनाए गए हैं. अगर आप किराए के घर में रहते हैं या अपना मकान किराए पर देते हैं, तो इन नियमों की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है.

क्या कहता है कानून?

कानून के मुताबिक, मकान मालिक और किरायेदार दोनों की जिम्मेदारी है कि घर को अच्छी हालत में बनाए रखें. हालांकि, रोजमर्रा में इस्तेमाल से होने वाली सामान्य टूट-फूट को नुकसान नहीं माना जाता.

मकान मालिक की क्या होती है जिम्मेदारी?

घर की बड़ी मरम्मत और स्ट्रक्चरल कामों की जिम्मेदारी आमतौर पर मकान मालिक की होती है. जैसे घर की पेंटिंग कराना, दीवारों की दरारें ठीक कराना, दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत, पानी की पाइपलाइन, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य जरूरी मरम्मत कराना. इन कामों का खर्च मकान मालिक को ही उठाना होता है.

अगर मकान मालिक मरम्मत कराने से मना कर दे तो क्या करें?

कई बार किरायेदार के शिकायत करने के बावजूद मकान मालिक जरूरी मरम्मत नहीं कराता है. ऐसी स्थिति में कानून किरायेदार को राहत देता है. अगर मरम्मत जरूरी है, तो इस कंडीशन में किरायेदार खुद इसे करवा सकता है. इसमें हुए खर्च को वह आने वाले किराए से एडजस्ट कर सकता है. यानी किरायेदार का जो भी पैसा खर्च हुआ है, वो उसे अपने किराए से काट सकता है. हालांकि, इसके लिए पहले मकान मालिक को सूचना देना जरूरी है. साथ ही, एक महीने में किराए से काटी जाने वाली रकम मासिक किराए के 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती.

कब घर खाली कर सकता है किरायेदार?

अगर मकान मालिक की लापरवाही के कारण घर की हालत इतनी खराब हो जाए कि उसमें रहना सुरक्षित या संभव न रहे, तो किरायेदार घर छोड़ सकता है. इसके लिए उसे मकान मालिक को 15 दिन पहले लिखित नोटिस देना होगा. नोटिस का समय पूरा होने के बाद वह मकान खाली कर सकता है.

किरायेदार की क्या जिम्मेदारियां होती हैं?

किरायेदार की जिम्मेदारी घर की रोजमर्रा की देखभाल करना है. छोटे-मोटे मरम्मत के काम, जैसे खराब नल बदलवाना, स्विच ठीक कराना, बल्ब बदलना या सामान्य रखरखाव से जुड़े काम आमतौर पर किरायेदार के हिस्से में आते हैं. इसके अलावा, घर में लगी फिटिंग्स, फिक्स्चर और अन्य सुविधाओं का सही तरीके से इस्तेमाल करना भी उसकी जिम्मेदारी है.

अगर किरायेदार की लापरवाही या जानबूझकर किए गए काम से घर की किसी चीज को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी मरम्मत का खर्च भी उसी को देना होगा. साथ ही, किसी भी नुकसान या खराबी की जानकारी तुरंत लिखित रूप में मकान मालिक को देना जरूरी है.

अगर किरायेदार अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करे तो क्या होगा?

अगर किरायेदार अपनी जिम्मेदारी वाली मरम्मत नहीं कराता या मकान मालिक की अनुमति के बिना घर में कोई निर्माण, तोड़फोड़ या बदलाव कर देता है, तो मकान मालिक खुद मरम्मत करवा सकता है. इस कंडीशन में मरम्मत का खर्च सिक्योरिटी डिपॉजिट से काटा जा सकता है. अगर खर्च सिक्योरिटी डिपॉजिट से ज्यादा हो जाए, तो मकान मालिक के नोटिस देने के बाद किरायेदार को एक महीने के अंदर बाकी रकम भी चुकानी होगी.

बाढ़, आग या भूकंप जैसी आपदा में क्या नियम लागू होते हैं?

अगर बाढ़, आग, भूकंप या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण घर रहने लायक नहीं रहता, तो जब तक घर दोबारा रहने लायक न हो जाए, उस समय के लिए मकान मालिक किराया नहीं मांग सकता है. वहीं, अगर घर को फिर से रहने लायक बनाना संभव नहीं है, तो नोटिस अवधि समाप्त होने के 15 दिनों के अंदर मकान मालिक को किरायेदार का सिक्योरिटी डिपॉजिट और एडवांस किराया वापस करना होगा.

ऐसे में मकान मालिक और किरायेदार दोनों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी होनी चाहिए. सही जानकारी होने पर दोनों पक्ष बेहतर तरीके से अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं और आपसी संबंध भी अच्छे बने रहते हैं.

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लेखक के बारे में
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श्रेया त्‍यागी
सीनियर सब एडिटर
श्रेया त्यागी पिछले 5+ वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं। लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट और यूटिलिटी जैसे विषयों पर लिखते हुए उन्हो... और पढ़ें
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