UP's Fertilizers Online Booking Process : उत्तर प्रदेश के रामपुर और सीतापुर जिलों के किसानों के लिए उर्वरक (फर्टिलाइजर) वितरण प्रणाली को ज्यादा आसान बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने 15 जून से इन दोनों जिलों में खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू कर दी है. अब किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरकों की खरीद के लिए पहले मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग करानी होगी. बुकिंग के बाद ही उन्हें तय विक्रेता से खाद प्राप्त हो सकेगा. साथ ही उर्वरक के लिए दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
‘फ्रेमवर्क फार फर्टिलाइजर सेल' ऐप
नई व्यवस्था में किसानों को अपने मोबाइल फोन में ‘फ्रेमवर्क फार फर्टिलाइजर सेल (Framework for Fertilizer Sale)' ऐप डाउनलोड करना होगा. इस ऐप के जरिए किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की एडवांस बुकिंग कर सकेंगे. इसके साथ ही उन्हें अपने क्षेत्र में उपलब्ध उर्वरक विक्रेताओं की जानकारी भी मिलेगी, जिससे खाद प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी. इस कदम के जरिए कृषि विभाग का मकसद उर्वरकों का जरूरत के अनुसार वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर भी नकेल कसी जा सके.
उर्वरक बुकिंग/वितरण प्रणाली। pic.twitter.com/VEQbpTrcDi
— DM Rampur (@RampurDm) June 14, 2026
क्यूआर कोड और टोकन बेस्ड होगी पूरी प्रक्रिया
नई प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और क्यूआर कोड आधारित होगी. किसान को सबसे पहले अपनी जमीन और फसल की डिटेल्स देनी होंगी. इसके बाद उसे जरुरी उर्वरक और उसकी मात्रा का चयन करना होगा. तीसरे चरण में उपलब्ध विक्रेताओं की लिस्ट में से अपनी सुविधा के अनुसार विक्रेता चुनना होगा. बुकिंग पूरी होने पर किसान को एक क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी किया जाएगा. इस क्यूआर कोड या टोकन के आधार पर किसान अगले दो दिनों के भीतर चयनित विक्रेता से पीओएस मशीन के जरिए खाद प्राप्त कर सकेगा. तय समय में में खाद नहीं लेने पर टोकन और क्यूआर कोड खुद कैंसिल हो जाएगा.
बटाईदार किसानों को भी मिलेगा लाभ
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें बटाईदार और किरायेदार किसानों को भी शामिल किया गया है. कृषि विभाग ने किसानों को तीन केटेगरी में बांटा है. पहली केटेगरी में किसान आईडी होल्डर किसान होंगे, जो आधार वेरिफिकेशन के साथ आवेदन करेंगे. दूसरी केटेगरी में वे किसान होंगे, जिनके पास किसान आईडी नहीं है, लेकिन वे जमीन की डिटेल्स देकर आवेदन कर सकेंगे. तीसरी केटेगरी में किरायेदार और बटाईदार किसान शामिल किए गए हैं. इसके अलावा अगर कोई किसान खुद खाद लेने नहीं पहुंच सकता है, तो वह अपने परिवार के सदस्य या किसी व्यक्ति को आधार संख्या और ओटीपी देकर खाद मंगवा सकता है.
बुकिंग के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स
उर्वरक बुकिंग के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और फार्मर रजिस्ट्री नंबर एवं खतौनी का होना जरूरी है. लॉगिन के दौरान ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद किसान आसानी से बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे.
बुकिंग कैसे करें
किसान इन आसान स्टेप्स के जरिए बुकिंग कर सकते हैं -
स्टेप 1 : मोबाइल ऐप में फार्मर रजिस्ट्री नम्बर या आधार कार्ड नंबर दर्ज कर ऐप को लॉगिन करें.
स्टेप 2 : लॉगिन करते समय आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा, उसे ऐप में दर्ज करें.
स्टेप 3 : फार्मर रजिस्ट्री नम्बर से लॉगिन करने पर जमीन की डिटेल्स खुद दिखने लगेंगी. अगर फार्मर रजिस्ट्री नम्बर नहीं है, तो आधार से लॉगिन करने पर जमीन की डिटेल्स दर्ज करनी होंगी.
स्टेप 4 : अपनी फसल का चयन करें एवं उर्वरक के प्रकार व मात्रा का चयन करें.
स्टेप 5 : स्क्रीन पर दिख रहे उर्वरक विक्रेताओं का चयन करें.
स्टेप 6 : बुकिंग के बाद मोबाइल ऐप की स्क्रीन पर एक क्यूआरकोड और टोकन नंबर दिखेगा, जिसे बुकिंग के अगले दो दिवस के अंन्दर चयनित उर्वरक विक्रेता से POS मशीन के माध्यम से उर्वरक लेना होगा. इस निर्धारित समय में उवर्रक न लेने पर क्यूआरकोड और टोकन नम्बर खुद कैंसिल हो जाएगा.
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