Rules Changing From September First: अगस्त का महीना खत्म होने के साथ ही एक सितंबर से कई अहम प्रशासनिक, वित्तीय और यात्रा संबंधी नियम बदलने जा रहे हैं. इन बदलावों का सीधा असर आपकी दैनिक जीवन, बचत और घरेलू बजट पर पड़ेगा.
दरअसल, बैंकिंग, गैस सिलेंडर बुकिंग, इमिग्रेशन प्रोसेस और इनकम टैक्स जैसे क्षेत्रों में लागू हो रहे इन नियमों के तहत कई काम समय सीमा के भीतर पूरे करने जरूरी हैं. यदि आप पेनल्टी या असुविधा से बचना चाहते हैं, तो सितंबर की शुरुआत से पहले इन 5 बड़े बदलावों की पूरी जानकारी जरूर रख लें.
बोर्डिंग पास पर नहीं लगेगा इमिग्रेशन स्टाम्प
एक सितंबर से भारत से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर बड़ी सुविधा मिलने जा रही है. दरअसल, अब ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक अब इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर भौतिक स्टाम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास (e-Boarding Pass) या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इससे बोर्डिंग पास पर स्टाम्प धुंधला होने या खोने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा और इमिग्रेशन में लगने वाला समय भी कम होगा.
LPG ई-केवाईसी
घरेलू एलपीजी गैस (LPG Cylinder) का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 31 अगस्त तक का समय बेहद अहम है. दरअसल, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने की समय सीमा 31 अगस्त तय कर रखी है. अगर आप समय पर आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराते हैं, तो 1 सितंबर से घरेलू दर पर मिलने वाली सब्सिडी या सिलेंडर की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा हर महीने की 1 तारीख की तरह 1 सितंबर को भी एलपीजी सिलेंडर और कमर्शियल गैस की नई दरों की घोषणा की जाएगी. इसके अलावा, एक सितंबर को एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की दरों और बैंक एटीएम ट्रांजैक्शन चार्जेस में संशोधन देखने को मिल सकता है, जिससे हवाई सफर और कैश विड्रॉल पर प्रभाव पड़ेगा.
ITR फाइलिंग गाइडलाइंस
अगर आपकी आय किसी व्यापार, प्रोफेशन या ट्रेडिंग से होती है, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना और समय पर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है. असेसमेंट ईयर (AY 2026-27) के लिए जिन खातों का ऑडिट अनिवार्य नहीं है, उनके लिए सही फॉर्म (ITR-3 या ITR-4) के साथ समय सीमा का पालन करना आवश्यक है.यह फॉर्म उन छोटे कारोबारियों या प्रोफेशनल्स के लिए है, जो प्रिजम्प्टिव टैक्स स्कीम चुनते हैं और जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है. 50 लाख रुपये से अधिक आय वाले और एफएंडओ (F&O) ट्रेडिंग करने वाले या पूरे बही-खाते मेंटेन करने वालों को ITR-3 चुनना होगा.
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बैंक एफडी में आएगी पारदर्शिता
बैंकिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देशों के तहत बड़े फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नियमों में बदलाव तय किए गए हैं. इसके तहत एक सितंबर को बैंकों को 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बल्क एफडी पर रोजाना सुबह 10:10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी. हालांकि, यह पारदर्शी नियम 1 अक्टूबर 2026 से पूर्ण रूप से लागू होगा.
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