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इंसानों के सबसे बड़े किलर मच्छर, अब आई ऐसी मशीन जो बिन आवाज, बिन केमिकल हर सेकंड में मारेगी 30 

दुनियाभर में इंसानों के सबसे ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार मच्छरों से निपटने के लिए अब मॉस्किटो कॉइल और स्प्रे की जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल, फोटोन मैट्रिक्स लैप एक अनोखी लेजर गन लेकर आया है, जो उड़ते हुए मच्छरों को पलक झपकते ही भस्म कर देती है. जानिए इसकी कीमत, फीचर्स और सुरक्षा से जुड़े नियम.

इंसानों के सबसे बड़े किलर मच्छर, अब आई ऐसी मशीन जो बिन आवाज, बिन केमिकल हर सेकंड में मारेगी 30 
मच्छर देखते ही 3 मिलीसेकंड में कर देगा खात्मा; जानें कैसे काम करती है यह लेजर गन और कितनी है कीमत
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Mosquito Laser Killer:  मच्छर इंसानों के लिए दुनिया के सबसे जानलेवा जीव माने जाते हैं. आंकड़े बताते हैं कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की वजह से हर साल दुनिया भर में लगभग 7 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं. सदियों से हम इनसे बचने के लिए मच्छरदानी, स्प्रे, लिक्विड और कॉइल का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, लेकिन रसायन (Chemicals) हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं.

इस परेशानी का आधुनिक और टेक-आधारित हल निकालते हुए  Photon Matrix नामक चाइनीज कंपनी ने एक हाई-टेक लेजर टर्रेट (Laser Turret) पेश किया है. यह गैजेट उड़ते हुए मच्छरों को हवा में ही ट्रैक करके लेजर बीम से खत्म कर देता है.

3 मिली सेकंड में टारगेट को करता है लॉक-ऑन

यह डिवाइस एडवांस LiDAR टेक्नोलॉजी और सेंसर पर काम करती है, जो किसी भी कमरे या जगह को लगातार स्कैन करती रहती है. इस दौरान जैसे ही कोई मच्छर इसके दायरे में आता है, यह मात्र 3 मिली सेकंड के भीतर उस पर निशाना लगा लेती है. इसके बाद उसी रास्ते पर लेजर फायर होता है, जिससे मच्छर तुरंत भस्म हो जाता है.

यह लेजर टर्रेट एक सेकंड में 30 मच्छरों को खत्म करने की क्षमता रखती है. इसे काम करने के लिए रोशनी की जरूरत नहीं होती है, यह घने अंधेरे में भी पूरी सटीकता के साथ मच्छरों को पहचान कर उन्हें ढेर कर सकती है.

बिना केमिकल और बिना शोर

लेजर का नाम सुनते ही सबसे पहला सवाल सुरक्षा को लेकर उठता है. लिहाजा, कंपनी ने इसके सेफ्टी फीचर्स पर भी पूरा ध्यान दिया है. यह लेजर सिस्टम केवल 2 मिली मीटर से 20 मिली मीटर तक के आकार वाले छोटे कीड़े-मकोड़ों को ही निशाना बनाता है.अगर लेजर के दायरे में कोई इंसान, बच्चा, पालतू जानवर या पक्षी आता है, तो इसके स्मार्ट सेंसर्स खतरा भांपकर तुरंत लेजर फायरिंग रोक देते हैं. सबसे खास बात ये है कि इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल, धुएं या तेज आवाज का इस्तेमाल नहीं होता है, जिससे यह फेफड़ों और सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.

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कीमत, वेरिएंट्स और डिलीवरी अपडेट

आउटडोर और ज्यादा रेंज के लिए ब्लू लेजर मॉडल पेश किया गया है, जिसकी प्री-ऑर्डर कीमत 1,088 डॉलर यानी लगभग 91,000 रुपये रखी गई है. इसके अलावा, घर के अंदर इस्तेमाल के लिए अदृश्य बीम वाला इन्फ्रारेड मॉडल भी उपलब्ध है, जिसकी कीमत 988 डॉलर यानी लगभग 82,000 रुपये है. प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और कंपनी के मुताबिक इसकी शिपिंग लगभग 120 दिनों के भीतर शुरू कर दी जाएगी.इस अनोखे गैजेट को क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म Indiegogo पर 4,000 से अधिक सपोर्टर्स से 2.7 मिलियन डॉलर यानी लगभग 22 करोड़ रुपये की भारी फंडिंग मिली है. 

दुनिया का सबसे जानलेवा जीव हैं मच्छर

बेहद छोटे दिखने वाले मच्छर असल में दुनिया के सबसे घातक जीव हैं. दरअसल, ये हर साल किसी भी दूसरे जानवर या हिंसक प्राणी की तुलना में सबसे ज्यादा इंसानों की जान लेते हैं. दुनियाभर में मच्छरों की 3,700 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं. इनमें से कई प्रजातियां वेक्टर यानी रोग वाहक का काम करती हैं, जो अपने डंक से इंसान के शरीर में जानलेवा वायरस और पैरासाइट ट्रांसफर कर देती हैं. अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी Centers for Disease Control and Prevention ने हाल ही में दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ रहे मच्छर जनित रोगों को लेकर ट्रैवल हेल्थ एडवाइजरी जारी की है. 

ये हैं मच्छरों से फैलने वाली 6 सबसे घातक बीमारियां 

मलेरिया (Malaria)

मलेरिया दुनियाभर में रोकी जा सकने वाली बीमारियों में मौतों का एक बड़ा कारण है. साल 2023 में 80 से ज्यादा देशों में मलेरिया के करीब 28.2 करोड़ मामले सामने आए और 6.1 लाख से ज्यादा मौतें हुईं और लगभग 4 अरब लोग यानी दुनिया की आधी आबादी मलेरिया के खतरे वाले क्षेत्रों में रहती है. मेरिका जैसे विकसित देशों में भी स्थानीय तौर पर मलेरिया फैलने के मामले दर्ज किए गए हैं.

डेंगू (Dengue)

चार प्रकार के डेंगू वायरस की वजह से होने वाली यह एक वायरल बीमारी है. दुनिया की करीब 40% आबादी यानी लगभग 4 अरब लोग ऐसे क्षेत्रों में रहती हैं, जहां डेंगू का खतरा है. हालांकि ज्यादातर मरीज एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन हर 20 में से 1 मरीज में सीवियर डेंगू विकसित हो जाता है, जो समय पर इलाज न मिलने पर घातक साबित हो सकता है. 

वेस्ट नाइल वायरस (West Nile Virus)

यह वायरस विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में मच्छरों के माध्यम से तेजी से फैलता है. इससे संक्रमित होने वाले मरीजों में से कई गंभीर दिमागी और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. 

चिकनगुनिया (Chikungunya)

एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के 100 से ज्यादा देशों में चिकनगुनिया का प्रकोप देखा गया है. इससे पीड़ित मरीज को तेज बुखार के साथ जोड़ों में लंबे समय तक तेज दर्द का सामना करना पड़ता है. 

जीका वायरस (Zika Virus)

गर्भवती महिलाओं के लिए जीका वायरस बेहद खतरनाक है. गर्भावस्था के दौरान जीका से संक्रमित होने पर जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं में गंभीर जन्मजात दोष जैसे माइक्रोसेफली हो सकते हैं.

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लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (Elephantiasis)

मच्छर के काटने से फैलने वाला यह परजीवी संक्रमण अंगों में भारी सूजन का कारण बनता है, जिससे व्यक्ति हमेशा के लिए दिव्यांग या कुरूप हो सकता है. दुनिया भर के 44 देशों में करीब 5.1 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं. 

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