
Best Retirement Schemes: रिटायरमेंट के बाद लोगों के पास रेगुलर इनकम का जरिया नहीं होता, ऐसे में फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए अभी से अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करना बहुत जरूरी है. अगर आप वोलैटिलिटी के चलते मार्केट में निवेश करना नहीं चाहते, तो सरकार की भी कई ऐसे शानदार सेविंग स्कीम्स (Government Savings Schemes) हैं जो रिटायरमेंट के दौरान आपको फाइनेंशियल सिक्योरिटी दे सकती है. ये स्कीम्स आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ रेगुलर रिटर्न और टैक्स बेनिफिट जैसे कई दूसरे फायदे भी देती हैं. आप इन स्कीम्स की मदद से एक बैलेंस्ड फाइनेंशियल प्लान बना सकते हैं जो रिटायरमेंट के बाद आपकी लाइफस्टाइल और हेल्थ केयर की जरूरतों को पूरा कर सके.
चलिए आपको टेंशन फ्री रिटायरमेंट के लिए बेस्ट गवर्नमेंट स्कीम्स (Best Government Schemes) के बारे में बताते हैं.
1. एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF)
EPF (Employees' Provident Fund) सैलरीड एम्प्लॉई के लिए एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है. भारत में यह स्कीम बहुत पॉपुलर है. इस स्कीम में एम्प्लॉई अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (dearness allowance) का 12% योगदान करता है और एम्प्लॉयर यानी कंपनी भी हर महीने इतने ही योगदान करती है. कंपनी जितने अमाउंट का योगदान करती है उसमें से 8.33% एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) में जमा होता है, और 3.67% एम्प्लॉई के प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) में जमा होता है. इस फंड पर सालाना ब्याज भी मिलता है और ब्याज की दर सरकार तय करती है, फिलहाल इस पर मौजूदा ब्याज दर 8.25% है.
यह फंड कर्मचारी के 58 साल की उम्र होने पर मैच्योर हो जाता है, और तब कर्मचारी इसमें जमा रकम को निकाल सकता है. इसके जरिए आप अपने रिटायरमेंट के लिए अच्छी खासी रकम जुटा सकते हैं. किसी इमरजेंसी में इसमें से पार्शियल विड्रॉल करने की इजाजत है. इस स्कीम की खास बात ये हैं कि इसमें आपका योगदान सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन के लिए एलिजिबल है.
2. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
NPS (National Pension System) मार्केट से लिंक एक रिटायरमेंट स्कीम है जो लोगों को इक्विटी, सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट डेट में डायवर्सिफाई इन्वेस्टमेंट के माध्यम से एक बड़ा फंड जुटाने में मदद करती है. इस पर मिलने वाला रिटर्न मार्केट के परफॉर्मेंस के आधार पर अलग-अलग होता है. यानी इस पर फिक्स्ड रिटर्न नहीं मिलता. सब्सक्राइबर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक और सेक्शन 80CCD(1B) के तहत एडीशनल 50,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं.
3. प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY)
PMVVY (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन के लिए डिजाइन की गई एक पेंशन स्कीम (Pension scheme) है. इस योजना का मकसद सीनियर सिटीजन को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. यह 10 सालों के लिए 7.4% का गारंटीड रिटर्न देती है. मार्केट वोलैटिलिटी का इस स्कीम पर मिलने वाले रिटर्न पर कोई फर्क नहीं पड़ता, जिससे एक फाइनेंशियल सिक्योरिटी मिलती है, जो इस उम्र में बहुत जरूरी है.
इसमें योजना में अधिकतम निवेश की इजाजत 15 लाख रुपये प्रति व्यक्ति है. यह स्कीम इन्वेस्टमेंट अमाउंट के आधार पर फिक्स्ड मंथली, क्वाटरली या एनुअल पेंशन प्रोवाइड करती है. मैच्योरिटी पर, प्रिंसिपल अमाउंट निवेशक को वापस कर दिया जाता है. पॉलिसी टर्म के दौरान निवेशक की मृत्यु हो जाने पर, परचेज प्राइस का भुगतान नॉमिनी को किया जाता है.
4. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)
SCSS (Senior Citizens' Savings Scheme) 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन के लिए सबसे ज्यादा ब्याज देने वाली स्कीम में से एक है. इस स्कीम पर मौजूदा ब्याज दर 8.2% है, जो इसे ऐसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है, जो रिस्की होने के चलते मार्केट में पैसा लगाने से बचते हैं और अपने निवेश पर फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं. इस स्कीम की मैक्सिमम इन्वेस्टमेंट लिमिट 30 लाख रुपये है. इस स्कीम का टेन्योर यानी अवधि 5 साल है, जिसे एडिशनल 3 सालों के लिए बढ़ाया जा सकता है. इस पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है, जिससे रेगुलर इनकम मिलती रहे.
SCSS में निवेश सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन के लिए एलिजिबल है, लेकिन इस स्कीम पर मिलने वाला ब्याज निवेशक के इनकम स्लैब के मुताबिक टैक्सेबल होता है. अगर सालाना ब्याज 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो उस पर TDS लागू होता है.
5. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
PPF (Public Provident Fund) एक लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है, जो मौजूदा समय में 7.1% का इंटरेस्ट रेट ऑफर करती है. इसमें 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है. इसमें सालाना कम से कम 500 रुपये का निवेश करना जरूरी है, जबकि अधिकतम निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना है. PPF को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में रखा जाता है, जिसका मतलब है कि निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों ही टैक्स-फ्री होती हैं.
पांच साल के बाद पार्शियल विड्रॉल और लोन की इजाजत है. PPF उन लोगों के लिए सही स्कीम है जो टैक्स एफिशिएंट ग्रोथ चाहते हैं और रिस्क लेना नहीं चाहते. इसका लंबा टेन्योर और टैक्स बेनिफिट इसे रिटायरमेंट प्लानिंग और वेल्थ क्रिएशन के लिए एक शानदार विकल्प बनाते हैं.
6. अटल पेंशन योजना (APY)
अटल पेंशन योजना (APY) भारत सरकार की एक पेंशन स्कीम है, जो अनोर्गनाइज्ड सेक्टर के वर्करों और लो इनकम ग्रुप के लिए है. यह स्कीम रिटायरमेंट के बाद गारंटीड पेंशन प्रोवाइड करती है. सब्सक्राइबर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये प्रति महीने तक के फिक्स्ड पेंशन ऑप्शन में से चुन सकते हैं. इस स्कीम में कॉन्ट्रीब्यूशन सब्सक्राइबर की उम्र और पेंशन अमाउंट पर निर्भर करता है. सरकार 40 साल की उम्र से पहले जुड़ने वालों के लिए पांच साल के लिए सब्सक्राइबर के कॉन्ट्रीब्यूशन का 50% (1,000 रुपये तक) कॉन्ट्रीब्यूट करती है. इस योजना (Atal Pension Yojana - APY) में शामिल होने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 40 साल है.
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