आज के समय में हर आम आदमी का सपना होता है कि रिटायरमेंट तक उसके पास इतना पैसा हो कि जिंदगी आराम से चले और किसी पर निर्भर न रहना पड़े. अच्छी बात यह है कि इसके लिए बहुत बड़ी रकम से शुरुआत करना जरूरी नहीं है. आज भारत में लाखों लोग छोटी रकम से SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) के जरिए धीरे धीरे बड़ा फंड बना रहे हैं.आज के समय में SIP अब लोगों की वेल्थ क्रिएशन का बड़ा जरिया बन गया है.
SIP बना आम निवेशकों की पहली पसंद
एसोसिएशन ऑफ म्यूच्यूअल फंड इन इंडिया(AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में SIP में करीब 31,002 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लोग लगातार निवेश कर रहे हैं. देश में SIP करने वालों के खाते 9.92 करोड़ तक पहुंच चुके हैं और कुल SIP AUM 16.36 लाख करोड़ रुपये हो गया है. अब कुल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में SIP का हिस्सा 20 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है.
SIP जल्दी शुरू करने का फायदा सबसे ज्यादा
अगर 60 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यहां हम आपको बताने वाले हैं कि इसके लिए किस उम्र में आपको कितना निवेश करना होगा. मान लेते हैं कि SIP इन्वेस्टमेंट पर औसतन 15 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, जो लंबे समय में कई इक्विटी म्यूचुअल फंड ने दिया भी है.
25 साल की उम्र से SIP
अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र से SIP में पैसे लगाना शुरू करता है और हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये SIP में डालता है, तो 35 साल में उसका फंड करीब 1.14 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यहां सबसे बड़ा फायदा कम्पाउंडिंग का है यानी समय के साथ पैसा तेजी से बढ़ता है.
30 साल की उम्र में SIP
अगर यही निवेश 30 साल की उम्र में शुरू किया जाए, तो समय कम होने की वजह से हर महीने करीब 2,000 रुपये निवेश करना होगा. सिर्फ पांच साल की देरी के कारण मंथली इन्वेस्टमेंट दोगुना हो जाता है. 30 साल तक निवेश करने पर करीब 1.12 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है. इससे आप समझ सकते हैं कि देरी से SIP शुरू करना कितना भारी हो सकता है.
40 की उम्र में SIP
अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो उसके पास सिर्फ 20 साल का समय होता है. ऐसे में 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए हर महीने करीब 7,500 रुपये निवेश करना जरूरी हो जाता है. यहां साफ दिखता है कि समय कम होते ही निवेश का बोझ तेजी से बढ़ जाता है.
देर से शुरुआत करने वालों के लिए Step up SIP बेहतर
अगर किसी कारण से आप देरी से निवेश शुरू करते हैं, तब भी करोड़पति बनने का सपना पूरा किया जा सकता है. इसमें Step up SIP आपकी मदद करता है.
मान लें कि कोई व्यक्ति 45 साल की उम्र में 10,000 रुपये से SIP शुरू करता है और हर साल इसे 10 प्रतिशत बढ़ाता है. अगर 15 साल तक निवेश किया जाए और 15 प्रतिशत रिटर्न मिले, तो रिटायरमेंट तक करीब 1.02 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है.
SIP लंबे समय तक निवेश पर दिखेगा कम्पाउंडिंग का जादू
SIP की सबसे बड़ी ताकत कम्पाउंडिंग है, जहां आपका पैसा समय के साथ खुद बढ़ने लगता है. जब आप हर महीने पैसा लगाते हैं तो उतार चढ़ाव के बावजूद धीरे धीरे बड़ा फंड बनता है समय के साथ वही पैसा आगे चलकर तेजी से बढ़ता है और यही SIP का असली फायदा होता है.
हालांकि इस बात ध्यान रखना जरूरी है कि 15 प्रतिशत सिर्फ उदाहरण के लिए है. बाजार में रिटर्न हमेशा एक जैसा नहीं रहता. शॉर्ट टर्म में उतार चढ़ाव आता है और हर फंड का रिस्क अलग होता है. इसलिए निवेश से पहले अपने रिस्क लेने की क्षमता और लक्ष्य को समझना जरूरी है.
लॉन्ग टर्म के निवेश में इन बातों का ध्यान रखें
रिटायरमेंट जैसे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बाजार में गिरावट के समय SIP बंद नहीं करनी चाहिए. समय के साथ निवेश बढ़ाना भी जरूरी है. अलग अलग कैटेगरी जैसे लार्जकैप, फ्लैक्सीकैप और मिडकैप में निवेश करना पोर्टफोलियो को बैलेंस करता है. पोर्टफोलियो को साल में एक बार जरूर देखना चाहिए, लेकिन बार बार बदलाव से बचना चाहिए.
1 करोड़ का फंड बनाने का सबसे आसान तरीका सही समय पर शुरुआत और लगातार निवेश है. 25 साल की उम्र में छोटी SIP काफी हो सकती है, लेकिन 40 के बाद निवेश का बोझ बढ़ जाता है. इसलिए सही समय पर शुरुआत ही सबसे बेहतर है.
डिस्क्लेमर: यह केवल एक सामान्य जानकारी है. Mutual fund में निवेश जोखिम के अधीन है. निवेश से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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