राजधानी दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन पर लाइसेंसधारी कुली यात्री से मनमानी राशि वसूलते पकड़ा गया. इस कुली ने सामान ढोने के लिए पहले 800 रुपये मांगे, बाद में 500 रुपये में बात तय हुई. उसने सामान पहुंचाया और 500 रुपये वसूल लिए, जबकि ढुलाई का वास्तविक शुल्क महज 230 रुपये था.
दूसरी घटना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से. यहां 20 किलोग्राम सामान के लिए 300 रुपये और 250 रुपये तक वसूलने के मामले सामने आए, जबकि निर्धारित शुल्क 140 रुपये है.
दिल्ली रेलवे स्टेशन से भी ऐसे मामले सामने आए, जहां पांच पोर्टर दो सामानों के लिए निर्धारित 280 रुपये की बजाय ज्यादा पैसे वसूलते पाए गए. पैसेंजर्स से 300 से 500 रुपये तक की राशि वसूली गई. हजरत निजामुद्दीन पर भी अधिक वसूली के कई मामले सामने आए.
राजधानी के प्रमुख स्टेशनों पर ये मामले उत्तर रेलवे के औचक और डिकॉय जांच अभियान के दौरान सामने आए. रेलवे ने इन कुलियों/पोर्टरों के बैज यानी बिल्ला को तत्काल जब्त किया और उन्हें ड्यूटी से हटाकर अगले आदेश तक रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित है.
आए दिन रेलवे में ऐसे मामले सामने आते हैं, जब कुली सामान ढोने के बदले तय शुल्क से ज्यादा और मनमाना पैसा वसूलते हैं. हो सकता है कि रेलवे स्टेशनों पर कुली के ज्यादा पैसे मांगे जाने से कभी न कभी आप भी दो-चार हुए होंगे! ऐसे मामलों में रेलवे ने सख्त कार्रवाई का नियम बनाया है. आपको शिकायत कैसे करनी है ये भी हम बताएंगे, लेकिन उससे पहले पूरा मामला जान लीजिए.
रेलवे का औचक जांच अभियान, रंगे हाथ पकड़े गए 13 पोर्टर
दरअसल, उत्तर रेलवे ने लाइसेंसधारी पोर्टरों के विरुद्ध औचक और डिकॉय जांच अभियान तेज कर दिया है. इस अभियान के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यात्रियों से किसी भी प्रकार की मनमानी या निर्धारित दर से ज्यादा वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हाल के दिनों में नई दिल्ली, दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार टर्मिनल पर की गई विशेष जांच के दौरान कई लाइसेंसधारी पोर्टर निर्धारित टैरिफ से काफी अधिक राशि मांगते और लेते पाए गए.
इस अभियान के दौरान कुल 13 पोर्टर से जुड़े मामलों का पता चला. कुछ मामलों में यात्रियों से मनमानी राशि पर सौदेबाजी करने और UPI/QR आधारित डिजिटल भुगतान लेने के प्रमाण मिले. एक मामले में पोर्टर के पास पहचान-पत्र नहीं पाया गया, जबकि एक अन्य ने अपनी पहचान बताने से इनकार किया. सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है.
मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पोर्टरों के बैज को तत्काल जब्त कर, उन्हें ड्यूटी से हटाकर अगले आदेश तक रोकने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही लागू नियमों आर लाइसेंस शर्तों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे का स्पष्ट संदेश- तुरंत करें शिकायत
रेलवे के जांच अभियानों का सकारात्मक प्रभाव भी दिखाई दे रहा है. इससे यात्रियों में ये विश्वास मजबूत हुआ है कि निर्धारित दर से अधिक वसूली की शिकायतों को रेलवे प्रशासन गंभीरता से ले रहा है. रेलवे का यात्रियों के लिए स्पष्ट संदेश है- केवल निर्धारित टैरिफ का भुगतान करें और ज्यादा वसूली की शिकायत तुरंत करें.
उत्तर रेलवे ने बताया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है. उत्तर रेलवे के सभी मंडलों एवं प्रमुख स्टेशनों पर औचक और डिकॉय जांच का यह अभियान व्यापक रूप से चलाया जाएगा.
रैंडम डिकॉय ऑपरेशन, औचक निरीक्षण तथा यात्रियों की शिकायतों के सत्यापन के माध्यम से पोर्टरों की कार्यप्रणाली पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी और निर्धारित टैरिफ अथवा लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ज्यादा पैसे मांगे जाने पर ऐसे कर सकते हैं शिकायत
पोर्टरों अगर ज्यादा पैसे मांगे या दुर्व्यवहार करे तो आप स्टेशन मैनेजर के पास जाकर शिकायत कर सकते हैं. या फिर रेल मदद पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिसमें स्टेशन, पोर्टर का बैज/बैच नंबर और डिटेल्स दे सकते हैं. रेलवे ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच और कार्रवाई करता है.
हर स्टेशन के एंट्री गेट और बुकिंग काउंटर के पास कुलियों की तय दरों (Rate List) का बोर्ड लगा होता है. शिकायत करने से पहले उस बोर्ड पर वजन के हिसाब से तय रेट जरूर चेक कर लें.
कुली का बिल्ला नंबर (Badge Number) जरूर देख लें. कुली की बांह पर एक धातु का बिल्ला (धातु का टोकन) बंधा होता है. शिकायत के लिए यह नंबर सबसे जरूरी है.
स्टेशन मास्टर/स्टेशन मैनेजर (SM/SS) के पास जाकर सीधे शिकायत कर सकते हैं. स्टेशन पर मौजूद कॉमर्शियल स्टाफ या चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं. स्टेशन मास्टर के केबिन या पूछताछ काउंटर (Enquiry Counter) पर जाकर शिकायत पुस्तिका मांगें और अपनी शिकायत लिखित में दर्ज करें.
रेल मदद (RailMadad) ऐप: अपने फोन में 'RailMadad' ऐप डाउनलोड करें और 'Station Complaints' विकल्प में जाकर कुली (Licensed Porter) के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
रेल मदद वेबसाइट: railmadad.indianrailways.gov.in पर जाकर भी आप अपनी शिकायत, स्टेशन का नाम और कुली का विवरण दर्ज कर सकते है. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर आप कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात कर सकते है और 'यात्री सुविधा' के तहत कुली की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
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