Crop loan waiver : महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कर्जमाफी योजना का ऐलान किया है. इस योजना से राज्य के करीब 35 से 40 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. यह जानकारी हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई एक समिति की रिपोर्ट से सामने आई है. यह समिति प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में गठित की गई थी. इस समिति का गठन अक्टूबर 2025 में हुए किसान आंदोलन के बाद किया गया था, जिसमें बच्चू कडू के नेतृत्व में कर्जमाफी की मांग उठी थी.
इस फैसले को राज्य के किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. सरकार का दावा है कि इस योजना से न सिर्फ किसानों का कर्ज बोझ कम होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को मजबूती भी मिलेगी.
अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना
सरकार ने 2026-27 के बजट में इस नई योजना की घोषणा की है, जिसका नाम ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना' रखा गया है. लगभग 35 से 40 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है. उधर, इस योजना पर सरकार को लगभग 27,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.
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योजना की प्रमुख बातें
इस कर्जमाफी योजना की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- 30 सितंबर 2025 तक के बकाया फसल ऋण ही शामिल होंगे.
- किसानों का ज्यादा से ज्यादा 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा.
- समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा.
डिजिटल निगरानी के लिए एग्री स्टैक का इस्तेमाल
सरकार इस योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एग्री स्टैक का इस्तेमाल करेगी. यह एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसमें किसानों का डेटा, भूमि रिकॉर्ड और लोन से जुड़ी सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. इस सिस्टम के जरिए कर्जमाफी के प्रोसेस को आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा. इसके साथ ही भविष्य में बार-बार कर्जमाफी की स्थिति से बचने के लिए लंबे पीरियड की कृषि योजनाओं पर भी काम किया जाएगा.
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